ब्रेकअप के बाद भाभी को पटा कर चोदा

मेरा नाम आर्यन है। मैं जयपुर सिटी में रहता हूँ। मैं अपनी खुद की आपबीती बताने जा रहा हूँ।

बात उस वक़्त की है.. जब मेरी गर्लफ्रेंड से मेरा ब्रेकअप हो गया था। मैं बहुत परेशान था। मैंने ज़िगोलो बनने का सोचा और अपने पड़ोस के भैया के पास गया। उनसे उनके वाईफाई का पासवर्ड लिया और इन्टरनेट पर लड़कियों और आंटियों को खोजने लगा। इस सबमें बहुत समय लगा.. पर धीरे-धीरे कुछ लड़कियां मेरी बहुत करीबी दोस्त बन गईं।

फिर एक दिन जब मैं नेट पर चैट कर रहा था। तब एक 31 साल की अर्चना (बदला हुआ नाम) थोड़ी परेशान सी लगीं।
मैंने पूछा.. पर उन्होंने टाल दिया। फिर उन्होंने खुद ही बता दिया कि उनके पति 3 साल से दुबई में हैं और वो अगले साल बाद ही आएंगे।
मैंने थोड़ा सा उनका मूड चेंज किया और फिर वो ऑफलाइन हो गईं।

अगले दिन जैसे ही मैं ऑनलाइन आया तब उनका मैसेज आया हुआ था। उस मैसेज में उनका मोबाइल नंबर था और लिखा था- मुझे जल्दी कांटेक्ट करो।

मैंने नंबर पर कॉल किया तो एक बहुत ही खूबसूरत मीठी सी आवाज में उन्होंने बोला- हैलो।
मेरी उनसे बात होने लगी, मैं समझ गया था कि उनको किसी मर्द की जरूरत है।
अब मैं हर वक़्त उनको खुश रखता और उनको मेरी आदत सी पड़ गई।

फिर एक दिन उन्होंने मुझसे मिलने की इच्छा की। मैं फटाफट तैयार हो गया। उन्होंने मुझे अपने घर का पता और समय मैसेज किया और मैं सही समय पर वहाँ पहुच गया।

उनका घर देख कर मैं दंग रह गया.. क्या आलीशान घर था। घर के बाहर से ही मैंने उन्हें फ़ोन मिलाया।
वो बोलीं- रुको आ रही हूँ।

जैसे ही वो बाहर आईं.. उन्हें देख कर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं। वैसे मैंने पहले उनकी फोटो देखी हुई थी.. पर जब मैंने उनको अपने सामने देखा तो देखता ही रह गया।

उन्होंने मुझे अन्दर आने को कहा। मैं उनके पीछे-पीछे चलता रहा। क्या लग रही थीं.. ऐसा लग रहा था मानो मेरे आगे एक परी मुझे जन्नत तक ले कर जा रही हो।

उनका घर बहुत ही बड़ा था। हॉल में ले जाकर उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा। मैं सोफे पर बैठ गया और फिर वो मेरे लिए पानी लेने गईं।
जब तक वो मेरी नजरों से ओझल नहीं हुईं.. मैं उन्हें देखता ही रहा।

उन्होंने ढीली सी मैक्सी पहनी हुई थी। उनका फिगर क्या कमाल का था.. चूचे एकदम सुडौल थे.. पतली सी कमर.. गांड तो ऐसे हिल रही थी कि 60 साल के बूढ़े का भी लंड खड़ा कर दे।
वो एक मॉडल से कम नहीं लग रही थीं।

अभी मैं उन्हीं के सपनों में खोया हुआ था.. कि जब तक आवाज आई ‘पानी..’
मैंने हाथ बढ़ाया और वो थोड़ा सा झुकीं तो उनके क्लीवेज पर मेरी नजर पड़ी, मेरे दिल की धड़कन वहीं पर रुक गई और मैं बिना पलक झपकाए उन्हें देखता ही रहा।

उन्होंने थोड़ा सा ‘उहं..’ किया.. तब मेरी नजर वहाँ से हटी।
मैंने उनकी चूचियों पर से नजर हटाए बिना ही पूरा पानी का गिलास खाली कर दिया।
मैं इतना उत्तेजित था कि मैंने उनको बोला- प्यास नहीं बुझी.. और पानी चाहिए।

वो मुस्कुरा उठीं और फिर से पानी ले कर आईं।
इस बार वो मेरे पास आकर बैठ गईं।

फिर थोड़ी बहुत इधर-उधर की बातें होने लगीं, मैं बहुत ही असहज महसूस कर रहा था।
उन्होंने मुझसे पूछा- क्या बात है?

पर मैंने टाल दिया। अब मैं उन्हें कैसे समझाता कि खड़े लंड को कैसे सम्हाला जाए जब कि वो लंड आपकी जीन्स फाड़ने पर तुला हो।

पर फिर भी मैंने खुद को बहुत सम्हाला और बातें करने लगा। बातें करते वक़्त मेरी नजर बार-बार उनके जिस्म को ढके कपड़ों को चीर रही थीं। मन कर रहा था कि साली के सारे कपड़े फाड़ कर नंगी करके चोद दूँ।

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अचानक उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ लिया और अपने दुखड़ा सुनाने लगीं। मैंने उनको शांत करने की प्रयत्न किया और उन्होंने रोते-रोते अपना सर मेरे कंधों पर रख दिया।

थोड़े टाइम में वो चुप हो गईं.. पर मैं उत्तेजित हो गया। वो मुझे देख कर समझ गईं कि मैं उत्तेजित हो गया हूँ।

उन्होंने मुझसे पूछा- क्या बात है मुझसे बताओ.. तुम बिल्कुल अलग-अलग सा विहेव क्यों कर रहे हो?

मैंने पहले तो मना कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं है।
पर वो नहीं मानी.. तो मैंने कह दिया- आप इतनी खूबसूरत हो कि आपके स्पर्श से मुझे कुछ-कुछ होने लगता है।

वो हँस पड़ीं और मेरे साथ शरारत करने लगीं।
मैंने उनको मना किया ‘ये ना करो प्लीज़..’

पर उनको मेरे साथ छेड़छाड़ करने में मजा आ रहा था, वो कभी मेरे हाथों को तो कभी मेरी जाँघों पर अपना हाथ फेर रही थीं।
मैंने उन्हें आखिरी बार कहा- अगर आप नहीं रुकीं.. तो मैं अपना आपा खो दूँगा।

उन्होंने मेरी बात नहीं मानी और फिर क्या था.. मैंने उनके हाथ पकड़े और सीधे धक्का देते हुए उनके ऊपर आ गया। वो इससे पहले कुछ समझ पातीं.. उससे पहले ही मैंने उनके गुलाबी होंठों को चूसना शुरू कर दिया।

उन्हें एक पल भी नहीं लगा और वो मेरे होंठों को ऐसे चूसने लगीं.. जैसे जन्मों से प्यासी हों।

मेरे पूरे शरीर में करंट दौड़ रहा था, मैं उनके ऊपर और वो मेरे नीचे हो गई थीं, मेरा लंड उनकी जाँघों को छू रहा था।

मेरे होंठों को चूसते-चूसते वो इतनी गरम हो गईं कि उन्होंने करवट बदल ली और अब वे मुझे चूमते हुए ही मुझे बेडरूम में खींचते हुए ले गईं और मुझे धक्का देकर अपने बिस्तर पर गिरा दिया।

अगले ही पल वो खुद मुझ पर सवार हो गईं। अब उन्होंने मुझे चूमते हुए मेरी टी-शर्ट उतार दी। मेरे शरीर को इसे घूर रही थीं.. मानो जैसे बरसों से इसी की तलाश हो।

उसके बाद तो वो पागल हो गई और मेरे पूरे बदन को चूमने लगीं। उन्होंने मुझे अपने नीचे इसे दबोच लिया था कि मैं हिल ही न सकूं। पूरे बदन को चूमते-चूमते जैसे ही वो मेरे नीचे आईं.. तो मेरे लंड को जीन्स के ऊपर से ही चूमने लगीं, साथ ही मेरी बेल्ट खोल कर जीन्स के बटन खोलने लगीं।

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उन्होंने पलक झपकते ही मेरी जीन्स और अंडरवियर उतार दी और मेरे लंड को चूसने लगीं।
मैं तो जन्नत में था। लंड को चूसने के तरीके से ही पता चल रहा था कि वो कितनी प्यासी थीं।

अब हम दोनों अपना पूरा होश खो चुके थे। मेरे लंड को चूस-चूस कर उन्होंने उसको पूरा गीला कर दिया था। मैं अपने दोनों हाथों से उनके चेहरे को पकड़ कर लंड चुसवा रहा था।
उनके मुँह से ‘हुम्म्म.. हम्म.. उम्म.. अह..’ की आवाज आ रही थी।

मैं बिल्कुल नंगा था, मैंने उनके कपड़े उतारना शुरू किए, ब्रा और पैन्टी को उतार फेंकी। उनका गोरा बदन और बदन पर एक भी बाल नहीं.. एकदम चिकनी चमेली दिख रही थीं।
हाँ.. उनकी चूत पर थोड़े से बाल थे।

उनको नंगी देख कर मेरे पूरे बदन में करंट का दौड़ने लगा, उनके चूचे बड़े और गोल थे, मैंने फट से मम्मों को हाथों में ले लिया और मसलने लगा।
वो थोड़ा कराह उठीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’

मैं वासना में पागल हो चुका था, मैंने उनके मम्मों को हाथों में लिया और जोर से दबाना और चूसना चालू कर दिया। वो अब इस दुनिया की दुश्वारियों से परे हो चुकी थीं। उनकी सिसकारियों की और मेरे चूसने की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी।
उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और हिलाने लगीं।

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फिर उन्होंने मुझसे कहा- अब चोदो मुझे।
मैंने कहा- रुको मेरी रानी, अभी नहीं।
मैं समझ चुका था कि अब वो बहुत गरम हो चुकी हैं।

वो मुझे कहती रहीं- करो ना.. चोदो न प्लीज।
पर मैंने उनको और तड़पाने की सोची, मैंने अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया, वो उसको प्यार से चूसने लगीं।

मैंने उसी वक़्त उनके बिस्तर पर रखी चुन्नी को उनके गले में बांध दिया, फिर में बिस्तर से उठा और अपने लंड को हाथ में पकड़ कर हिलाने लगा और कहने लगा- आओ मेरे पास.. मेरे लौड़े को चूसने.. आओ.. मेरी कुतिया बन कर आओ।

वो मेरे लंड को ही घूर-घूर कर देखे जा रही थीं, उनको सिर्फ मेरा ही लंड नजर आ रहा था। वो मेरे पास पागल कुतिया की तरह आने लगीं।
मैं कमरे में इधर-उधर जाने लगा और वो मेरे लंड के पीछे-पीछे उनको चूसने के लिए बेताब हो रही थीं, वो कहे जा रही थीं- प्लीज आर्यन मेरे पास अपने लंड को लाओ.. प्लीज लाओ।

अंत में वो इतनी पागल हो गईं कि मुझ पर झपट पड़ीं। उन्होंने मुझे फर्श पर ही गिरा दिया और मेरे लण्ड को जोर-जोर से चूसने लगीं।

मैंने उनकी चूत में उंगली डाली.. तो उसमें से पानी को धार आ रही थी और चूत बहुत ही गरम थी। मैंने उनकी चूत को चूसने का सोचा और हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए।

जैसे ही मैंने उनकी चूत को चूसना शुरू किया.. वो और गरम हो गईं और उनकी साँसें और जोर से चलने लगीं, उनके बर्दाश्त से बाहर हो चुका था।
उन्होंने मुझे सीधा किया और खुद अपनी चूत को मेरे लंड के मुँह पर ले आई।

मैंने बहुत रोका पर उन्होंने मेरी एक ना सुनी। मैंने अपने आपको उनके नीचे से हटाया.. तो वो पागल हो गईं.. और चिल्लाने लगीं- चोदो मुझे.. अब चोदो ना।

मैंने उनको और तड़पाने के लिए उनको उठाया और बिस्तर पर ले जाकर पटक दिया। अब मैं भाग कर किचन में गया और फ्रिज से 3-4 बर्फ के टुकड़े ले आया।

मैंने बोला- अगर सच में चुदना है तो जैसा मैं कर रहा हो मुझे करने दो।

पर उन पर तो चुदने का भूत सवार था। मैंने उनकी टांगें चौड़ी कीं और उनकी चूत को चाटना फिर से शुरू कर दिया। उनकी चूत तो वैसे ही बहुत गीली और बहुत ज्यादा गरम थी। मैंने अपने मुँह में बर्फ को लिया और उनकी चूत में डाल दिया।

अब अर्चना को अलग सा महसूस हो रहा था। मैं जानता था कि अब ये औरत चुदने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। मैंने बिना देरी किए अपने लंड पर कंडोम लगा लिया। उनकी सिस्कारियां इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थीं कि अब उस औरत को सिर्फ चुदाई ही करवानी थी।

मैंने भी फिर देरी नहीं कि और अपना बड़ा और खड़ा लौड़ा उनकी चूत में पेल दिया। उनको दर्द हुआ और वो चिल्लाईं.. पर मैं रुका नहीं और धकापेल चोदने लगा।

थोड़ी देर बाद उनको भी मजा आने लगा और फिर मैंने उनके बोबे चूसने भी शुरू कर दिए।
अब वो चुदाई का आनन्द लेने लगीं, मेरे चोदते हुए ही वो झड़ गईं और उनकी गर्मी से कुछ धक्कों बाद मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया।
हालांकि कन्डोम लगा हुआ था तो कोई डर नहीं था।

अब हम दोनों एक-दूसरे के बग़ल में लेट गए। थोड़ी देर बाद मैं उठा और वॉशरूम में चला गया। मैंने शावर ऑन कर दिया। कुछ देर बाद मैं वहाँ से अपने घर आ गया।

उसके बाद मैंने उनको और उनकी कई सहेलियों को भी चोदा। मेरे साथ ये घटित घटना आपको कैसी लगी.. जरूर बताइएगा।
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