भाभी की चूत चुदाई की थ्योरी और प्रेक्टीकल

बहुत खुशी हो रही है आज ज़िंदगी में पहली बार एक दिन में इतने मेल आए, आप सबके प्यार के लिए आभारी हूँ जो आप लोगों ने मेरी कहानी
चूत की चुदाई और मेरा जिस्म
की इतनी तारीफ की। इसके लिए एक बार फिर से आप सभी का शुक्रिया।

उस दिन भैया और भाभी की चुदाई देख कर मैं रात भर सो नहीं पाई। रात में दो बार चूत में उंगली डाल कर खुद को शांत किया और अपनी रूम मेट के लौटने का इंतज़ार करने लगी।
बीच में दो-तीन दिन भाभी से बात हुई.. लेकिन चुदाई के बारे में मैंने कुछ नहीं बोला और दोबारा चुदाई देखने की कोशिश करती रही.. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

पांचवें दिन मेरी रूममेट वापस आ गई तो मैंने उसे सब बात बताई, पहले तो उसे सब झूठ लगा, फिर मेरे बहुत कहने पर वो बोली- मैं भाभी से पूछ लूँगी।
इस बात पर मैंने उसे मना किया लेकिन वो नहीं मानी।

भाभी दोपहर का काम खत्म करके छत से कपड़े उतारने आईं.. तो सोनाली उनसे बोल पड़ी- भाभी बिज़ी ना हों.. तो आइये चाय पीते हैं।
भाभी बोलीं- कपड़े रख कर आती हूँ।
यह सुन कर सोनाली चाय बनाने लगी।

तब तक भाभी भी आ गईं, हम सब लोग चाय पीने लगे।
सोनाली ने शरारत करते हुए भाभी से कहा- भाभी लगता है आजकल किचन में कुछ खास चल रहा है।
यह सुन कर भाभी के गाल टमाटर की तरह लाल हो गए, भाभी शरमा कर बोलीं- धत्त पागल..

तब सोनाली ने भाभी को पूरी बात बताई और उनको अन्तर्वासना की कहानी ‘चूत की चुदाई और मेरा जिस्म’ भी पढ़वाई।

पहले तो भाभी काफी संकोच कर रही थीं, लेकिन धीरे-धीरे वो खुल कर बातें करने लगीं।
अब हम लोगों ने उनसे उनकी सुहागरात के बारे में पूछा, तो भाभी शर्माते हुए बताने लगीं- उस रात मैं कमरे में दुल्हन के जोड़े में थी और डरी हुई थी कि आगे पता नहीं क्या होगा। तभी तुम्हारे भैया आ गए, वे मेरी तरफ एकटक देखे जा रहे थे, मैं भी बिना हिले-डुले बैठी हुई थी।

तुम्हारे भैया ने मेरा घूँघट उठाया और भाभी के पसीने से लथपथ चेहरे को देख अपना रुमाल निकाला और मुझको पसीना पोंछने के लिए दिया। उसके बाद वो मेरा हाथ पकड़ कर खड़े हुए और बोले कि मैडम क्या मेरे साथ डांस करेंगी?

मैं मुस्कुरा दी और अपना सिर ‘हाँ’ में हिला दिया।

फिर हम दोनों लोगों ने डांस किया। डांस करते-करते तुम्हारे भैया ने मुझको मुँह दिखाई में सोने की चैन भी दी। उसके बाद हम दोनों ही एक-दूसरे में खो गए।
भाभी की सुहागरात की बातों को सुन कर हम दोनों सहेलियां भी गर्म होती जा रही थीं।

भाभी ने बताया कि भैया का लंड किसी खीरे जैसा लंबा और मोटा है। उस समय भाभी भैया का लंड देख कर डर रही थीं लेकिन भैया ने उन्हें इतना गरम कर दिया था कि वो सिर्फ चुदाई के बारे में ही सोच रही थीं.. उन्हें दर्द की चिंता नहीं हो रही थी। वो उस रात भैया के लंड से तीन बार चुदीं और अनगिनत बार स्खलित भी हुईं। पूरी रात भर बिना कपड़ों के भैया के साथ चिपक कर सोईं।

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सुबह पूरी चादर में खून के दाग लगे थे। भाभी ने वो चादर चेंज कर दी और उसको संभाल कर रख लिया।

हम दोनों सहेलियों के बहुत कहने पर उन्होंने हमें वो चादर भी दिखाई। उस चादर के दाग इतने नए लग रहे थे जैसे कल की ही बात हो।
चादर देख के मैं भाभी से बोली- भाभी हमें भी कुछ सिखाओ न सेक्स के बारे में?

वो हँस कर बताने लगीं कि ज्यादातर लड़कों को लड़की में उसके चूचे और होंठ ही पहली बार में आकर्षित करते हैं इसके बाद आकर्षण का केंद्र कूल्हे होते हैं। हम दोनों बड़े ध्यान से भाभी की बातों को सुन रहे थे।

भाभी ने कहा- ज्यादा टाइट ब्रा पहनने से चूचे बड़े तो दिखते हैं.. पर सही से बढ़ नहीं पाते हैं.. इसलिए हमेशा सही साइज़ की ही ब्रा पहनना चाहिए।

तभी सोनाली बोली- भाभी मेरा आपकी कहानी सुन कर सेक्स करने का मन कर रहा है।
भाभी भी शायद चुदासी हो गई थीं इसलिए भाभी बोलीं- चलो तुम दोनों अपने कपड़े उतारो.. आज मैं तुम्हें सिखाती हूँ।

भाभी की इस बात को सुनकर मालूम हो गया था कि भाभी भी पक्का गर्म हो चुकी थीं। हम दोनों तो पहले से ही चूत की खुजली से पीड़ित थी, भाभी की बात सुनकर हम दोनों तुरन्त नंगी हो गई।

तब तक भाभी एक नुकीला चिकनी से गाजर ले कर आईं।
मैंने पूछा- इसका क्या करेंगी?
तो वो बोलीं- अभी पता चल जाएगा।

उन्होंने अपने कपड़े भी उतार दिए, फिर हम तीनों बिस्तर में लेट गई और एक दूसरे की चूत से खेलने लगी।
मैं तो चूत में उंगली होने से 2 मिनट में ही झड़ गई और चित हो गई।

लेकिन सोनाली बहुत जोश में थी। वो और भाभी 69 के पोज में एक-दूसरे को चाट रहे थे। तभी भाभी ने गाजर सोनाली की चूत में डाल दी और आगे-पीछे करने लगीं।
उम्म्ह… अहह… हय… याह… चूत में गाजर के घुसते ही सोनाली तो जैसे पागल हो उठी थी। थोड़ी देर में वो भी झड़ गई।

तभी गेट की घंटी बज़ी। हम सब डर गई, भाभी ने खिड़की से देखा और बोलीं- तुम्हारे भैया आ गए।

हम जल्दी से अपने कपड़े लेकर अन्दर वाले ज़ीने पर चली गई और भाभी को बोल गई- आप भैया संग चुदाई किचन में ही करना!
हम दोनों जल्दी से अपने रूम में आ गई।

भाभी ने मैक्सी पहनी और गेट खोल कर सीधे अन्दर आ गईं और मैक्सी उतार कर पूरी नंगी हो कर किचन में आ गईं।
भैया भी भाभी के पीछे-पीछे किचन में आ गए, भाभी को नंगी देख कर बोले- आज बड़े मूड में हो?
भाभी ने उनको पानी का ग्लास दिया और उनका लंड मसलने लगीं।
भैया ने ग्लास रखा और भाभी की चूचियां दबाने-चूसने लगे।

भाभी भैया का लंड ज़ोर-ज़ोर से हिला रही थीं। भैया भी भाभी की चूचियों को आटे सा गूँथ रहे थे.. जैसे ही वो पागल हो गए हों।
भाभी बोल रही थीं- आह्ह.. धीरे करो आराम से..
लेकिन वो फुल जोश में थे, उन्होंने भाभी की चूत में हाथ लगाया तो भाभी की चूत एकदम गीली थी। क्योंकि हम दोनों तो चूत में उंगली करवा कर झड़ गई थी.. लेकिन भाभी नहीं झड़ी थीं।

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भैया ने बिना कपड़े उतारे अपना लंड पैंट की चैन खोल कर निकाला। लंड एकदम खड़ा था तो उन्होंने भाभी की नंगी चूत में पेल दिया और चोदने लगे।

भाभी 10-12 धक्कों के बाद चीख ही पड़ीं, उनकी टांगें ढीली हो गईं, भाभी ने लंड को बाहर निकाल दिया और अलग हट गईं।
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भैया को ये देख कर गुस्सा जैसा आया और उन्होंने भाभी के बाल पकड़ कर अपनी तरफ खींचा। फिर भैया ने भाभी को स्लैब पर झुका कर लंड फिर से चूत में डाल दिया।

अब वो भाभी के चूतड़ों पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहे थे, भाभी के चूतड़ों पर थप्पड़ों की आवाज़ इतनी थी.. कि हम लोगों के रूम तक आ रही थी।

भैया भाभी को जानवरों की तरह चोद रहे थे, भाभी अपने मम्मों को अपने हाथ से दबाते हुए एक बार और झड़ गईं।
अब भाभी बोलने लगीं- आह्ह.. रुक जाओ यार.. अब मैं बहुत थक गई हूँ।
लेकिन भैया ने चूत चुदाई का काम जारी रखा। उनकी चुदाई का तरीका देख कर सोनाली मेरी तरफ और मैं उसकी तरफ देख रही थी। हम दोनों ही इतनी खतरनाक चुदाई देख कर डर गई थीं।

तभी भैया ने भाभी को गोद में उठा कर चोदना शुरू कर दिया, भाभी बस ऊपर-नीचे हो रही थीं।
भाभी इतना अधिक थक गई थीं कि सही से बोल भी नहीं पा रही थीं।
पर भैया पता नहीं क्या खा कर भाभी की चूत चोदने में लगे हुए थे।

उन्होंने भाभी को फिर स्लैब पर झुका दिया और लंड चूत से निकाल के भाभी की गांड में डालने लगे। भाभी की गांड टाइट होने की वजह से भैया 10-12 धक्कों बाद तेज आवाज़ के साथ झड़ गए।

अब भैया भाभी को लेकर कमरे में जाकर लेट गए।

हम दोनों धीरे से वहाँ से खिसक ली.. हमें डर था कि कहीं भैया हम लोगों वैसी अवस्था में देख लेते.. तो हम दोनों की चूत और गांड का क्या होता.. पता नहीं।

बाद में जब भाभी ऊपर आईं तो उन्होंने बताया कि भैया ने उन्हें नंगी देख कर ताकत की कोई दवा खा ली थी.. जिसकी वजह से वे इतनी देर तक चोदते रहे थे।

जब हम दोनों ने भाभी से पूछा कि आपको यह बात पहले से मालूम थी?
तो भाभी ने बताया कि नहीं ये बात चुदाई के 2 घंटे बाद होश में आने के बाद पता चली।

तो दोस्तो, हम दोनों ऐसे ही उनकी चुदाई देख-देख कर मज़ा ले रही हैं और आगे भी लेती रहेंगी।
बस आप सब भी मज़े लेते रहिए, पर किसे महिला या लड़की से अभद्रता न करें, सेक्स जरूरी है लेकिन ज़ोर-जबरदस्ती किसी भी तरह की ज्यादती जायज़ नहीं है। सबका सम्मान करें.. जो रज़ामंद हो.. उसको खूब चोदें.. पर उत्पीड़न से अपराध ही पनपता है खुशी नहीं। इसलिए जो भी करें.. खुशी के लिए खुशी से करें और दूसरों को खुश करने के लिए करें।

आप सभी का धन्यवाद.. जल्दी ही फिर मिलेंगे। आपके मेल का इंतज़ार रहेगा।
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