गुरुपूर्णिमा के दिन बना भाभी का चुदाई गुरु

मैंने हंस कर भाभी को अपनी बांहों में भर लिया.

भाभी मेरे ऊपर टांग रख कर लेटी हुई थीं और अपने हाथों से मेरे लंड को सहला रही थीं. मैं फिर से उफान पे आ गया और बिना देर किए मैंने भाभी को अपने नीचे लेटा कर उनके दोनों पैरों को फैला दिया. अभी भाभी कुछ समझ पातीं मैंने अपने लंड का सुपारा उनकी चूत की फांकों में फंसा दिया और रगड़ने लगा.

बमुश्किल से बीस सेकंड हुए होंगे कि भाभी भी तड़पने लगी थीं

भाभी- अक्षय प्लीज़ अब और मत तड़पाओ.. पेल दो अपना लंड और फाड़ सो मेरी इस चूत को..

मैंने एक झटके में अपना पूरा लंड भाभी की चूत में पेल दिया. मेरे मोटे लंड के जाते ही उनके मुँह से ‘सीईईईई ओय्य्य्य य्य्य मम्म मम्माम.. मार दिया..’ निकल गया.
लेकिन भाभी को मजा आ रहा था.

जैसे ही लंड ने चूत से दोस्ती की तो भाभी भी मेरा साथ देने लगीं और अपने चूतड़ उछाल उछाल कर मुझसे चुदवाने लगी थीं.
भाभी शोर मचा रही थीं- आह… जोर से चोद मुझे… और जोर से…

मैंने दस मिनट भाभी को चोदा और कुछ पल के लिए रुक गया.
भाभी ने एक लम्बी सांस लेते हुए कहा- बड़ी तेज दौड़ते हो.. देवरानी की तो फाड़ ही दी होगी तुमने?
मैंने कहा- भाभी बहुत आग लगी थी.. सच में आपकी चूत बड़ी कसी हुई है.. मजा आ गया.
भाभी- तो क्या देवरानी की चूत ढीली कर दी है?
मैंने कहा- मुझे पता नहीं भाभी.. बस मुझे अभी तो आपके साथ बहुत मजा आ रहा है.

More Sexy Stories  भाई के लिए भाभी को मा बनाया

फिर भाभी मुझे चूमते हुए मेरे ऊपर आ गईं और मेरा लंड अपनी चूत में लेकर ऊपर नीचे होने लगीं. इस आसन में उनके मुम्मे उछल उछल कर मेरे हाथों को बुला रहे थे. मैंने दोनों हाथों से उनके मम्मों मसलना चालू कर दिया. भाभी भी एक वक्त पूरी तन कर मेरे लौड़े की सवारी गाँठ रही थीं.

इसके बाद मैंने भाभी को उठाया और उनको घोड़ी बना दिया. उनके पीछे से मैंने अपना कड़क लंड एक बार में ही पूरा पेल दिया. भाभी की एक तेज आह निकल गई.

इसके बाद मैंने भाभी की नीचे झूलती चुई चूचियों को अपने दोनों हाथों में भरा और धकापेल चुदाई शुरू कर दी. हमारी चुदाई लगभग 20 मिनट तक चली, उसमें वो 2 बार झड़ चुकी थीं. लेकिन मेरा अभी बाकी था.

कुछ देर बाद मैं भी आने ही वाला था तो मैंने बोला- भाभी जी, मैं अपना रस कहां निकालूँ?
भाभी- देवर जी, मेरी चूत के अन्दर ही निकाल दो, वैसे भी मैं और तेरे भैया अगले बच्चे की प्लानिंग कर ही रहे हैं, पर हो नहीं रहा है.

मैंने स्पीड बढ़ा दी और उनकी चूत में ही झड़ गया, फिर हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही एक दूसरे से लिपटे हुए पड़े रहे.
तभी भाभी ने कहा- अक्षय, आज सच में तूने गुरु पूर्णिमा के दिन मुझे ऐसे सेक्स से वाकिफ करवाया, जो मैंने कभी नहीं किया था.

हम दोनों प्यार में डूब कर एक दूसरे को किस करने लगे. कुछ देर बाद भाभी फ्रेश होकर मेरे साथ ही लेट गईं. दोपहर हुई तो भाभी ने सारा काम सिर्फ ब्रा और पेंटी पहन कर ही किया. मैं भी ऐसे ही नंगा घूमता रहा.

More Sexy Stories  वो बरसात की रात भाभी के साथ

फिर लंच टाइम में भाभी ने मेरी गोद में बैठ कर खाना खाया. खाना के बाद पूरा काम निपटा कर हमने फिर से सेक्स शुरू कर दिया.

मम्मी पापा शाम को आने वाले थे तो उस दौरान हमने 3 बार सेक्स किया. तो दोस्तों मैंने ऐसे गुरू बनकर भाभी को दासी बना लिया.

उसके बाद 12 दिन बाद भाभी को चोदने का फिर से मौका मिला. आज उनके गर्भ में 2 महीने का बच्चा है, वो मेरा ही है.

कैसी लगी मेरी ओरिजिनल चुदाई की कहानी.. मेल जरूर कीजिये, आभार!

Pages: 1 2