बेवफा प्रेमिका को पार्क में पेला

चीटिंग गर्लफ्रेंड Xxx कहानी में पढ़ें जब मुझे पता लगा कि मेरी लवर मुझे धोखा दे रही है तो मैंने उसे छोड़ना चाहा। हम एक आखिरी बार दोनों पार्क में मिले तो …

अंतर्वासना के सभी सदस्यों को मेरा प्यार भरा नमस्कार!
मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी ठीक होंगे।

आज मैं आप सभी के समक्ष अपनी पहली कहानी लेकर आया हूँ, आशा करता हूँ कि आप सभी को यह चीटिंग गर्लफ्रेंड Xxx कहानी पसंद आएगी।

मेरी यह कहानी मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड के बीच बने सेक्स संबंध के बारे में है।

सबसे पहले मैं आप सभी को अपने और अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बताना चाहूँगा।

मेरा नाम सूरज (बदला हुआ) है।
मैं 5.8 फीट लम्बा हूं। मेरा वजन 55 किलोग्राम है और मेरा लंड 5 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है।

मेरी गर्लफ्रेंड का नाम प्रिया (बदला हुआ) है। मेरी गर्लफ्रेंड का रंग गोरा, हाईट 5 फीट के आस पास होगी। फिगर 32-28-30 है।
उसकी खूबसूरती किसी का भी लंड खड़ा कर सकती है।
जैसे मेरा लंड खड़ा हो गया था जब मैंने उसको पहली बार देखा था।

बात नवम्बर 2020 की है जब मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि प्रिया मुझे धोखा दे रही है और मुझसे छुपकर उससे (मेरे दोस्त से) मिल रही है।
उसके बाद उसने अपनी और प्रिया की कुछ कॉल रिकॉर्डिंग्स सुनाईं।

सुनकर मुझे दुख हुआ और गुस्सा भी आया।
मैंने प्रिया से मिलकर सब कुछ खत्म करने का सोच लिया।

मैं रात को प्रिया से मिलने गया।
वो मुझसे अलग नहीं होना चाहती थी।
फिर मैं वहां से निकल आया।

उसके बाद उसने कई कॉल और मैसेज किये लेकिन मैंने कोई जवाब नहीं दिया।

ऐसे ही 2 दिन गुज़र गए और वो बार बार माफी मांगती रही।
फिर आखिर में मैंने उससे दोबारा मिलने का फैसला किया।

अगली रात को हमने मेरे घर के पास के ही एक पार्क में मिलने का प्लान बनाया।
वो मिलने आई।
मुझे तो गुस्सा आ रहा था और सब खत्म करना चाहता था।

हम एक साथ पार्क के अंदर गए और अंधेरे में एक बेंच पर बैठ गए जहाँ हमें कोई नहीं देख सकता था।

वो मेरे लिए कुछ खाने का लेकर आई थी तो उसने अपने हाथों से मुझे खिलाया।
खाते-खाते मेरा गुस्सा थोड़ा शांत हो गया।

फिर वो मेरे हाथ को अपने हाथ में लेकर बात करने लगी और मुझसे माफी मांगने लगी।
मैंने उसको पहले भी चोदा हुआ था तो उसके हाथ पकड़ते ही मेरे अंदर हवस जागने लगी।

उसके नर्म नर्म हाथों को छूकर मेरा लंड खड़ा होने लगा।
मेरे मन में गुस्सा था लेकिन लंड फिर भी खड़ा होने लगा।

फिर उसने मेरे गालों को सहलाया और मेरा चेहरा पकड़ कर मुझे किस करने लगी।

धीरे-धीरे मेरी हवस भी जागने लगी और मैं भी उसका साथ देने लगा।

कुछ देर किस करने के बाद मेरा उसे चोदने का मन करने लगा तो मैं उसके कपड़े उतारने लगा।
खुली जगह होने के कारण मैं उसको पूरी नंगी नहीं कर सकता था।

इसलिए मैं सिर्फ उसके नीचे के ही कपड़े उतार रहा था। उसने मेरा कोई विरोध नहीं किया क्योंकि हमारे बीच पहले भी शारीरिक संबंध कई बार बन चुके थे।
लेकिन आज की ये रात खास थी क्योंकि इससे पहले हमने कभी ऐसे खुले में चुदाई नहीं की थी।

ऐसे माहौल में चुदाई करने के लिए मैं कुछ ज्यादा ही रोमांचित हो रहा था।
मैंने उसकी लैगी को नीचे कर दिया था और उसकी पैंटी में हाथ देकर उसकी चूत में उंगली डाल दी।

फिर मैंने उसकी चूत में उंगली करते हुए उसको किस करना शुरू कर दिया।
वो बहुत गर्म होने लगी।

मेरी उंगली उसकी चूत में अंदर बाहर हो रही थी।
थोड़ी ही देर में मेरी गर्लफ्रेंड की चूत गीली होने लगी।

मैंने उसकी चूत में तेजी से उंगली करना शुरू किया तो वो मेरे चेहरे के पास होंठों को ले आई और मेरे कान को दांतों से काटने लगी।

उसकी चुदास बहुत बढ़ गई थी।

इस तरह से खुले पार्क में रात के अंधेरे में उसकी चूत में उंगली करने में मुझे भी एक बहुत ही रोमांचित कर देने वाला मजा मिल रहा था।

उसने मेरे लंड को पकड़ कर पैंट के ऊपर से ही सहलाना शुरू कर दिया।
फिर उसने मेरी पैंट की चेन को खोल लिया।

उसने चेन में हाथ देकर मेरे लंड को पकड़ लिया और मेरे लंड के टोपे पर हाथ को ऊपर नीचे करने लगी।

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अब मेरी हालत भी उसके जैसी हो गई और मैं भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया।

वो बोली- बस अब कर लो सूरज, बहुत मन कर रहा है … प्लीज चोद दो।

फिर मैंने उसको वहीं बेंच पर लिटा लिया और उसकी टांगों को ऊपर कर लिया।
मैंने उसकी चूत पर हाथ से सहलाया और वो सिसकारने लगी।

मैं भी नीचे बैठ गया और उसकी चूत पर मुंह लगाकर उसको जीभ से कुत्ते की तरह चाटने लगा।

वो जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी तो मैंने उसको रोका और कहा कि इतनी आवाज न करे, कोई आ जाएगा।
फिर उसने खुद को कंट्रोल किया।

मैं उसकी चूत में जीभ लगाकर चाटने लगा और जीभ को फिर अंदर डालकर उसकी चूत का स्वाद लेने लगा।

गर्लफ्रेंड की चूत का पानी चाटने में उस वक्त मुझे कुछ अलग ही मजा आ रहा था।
वो आहें भर रही थी।
उसके मुंह से आआआ हहह … उह्हह और करो … जैसे शब्द निकल रहे थे।

वो मेरे मुंह को अब अपनी चूत में दबाने लगी थी।

मुझे भी चूत चाटना बहुत पसंद है तो मैं भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा था।
उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।

फिर मैं उठा और उसके होंठों पर किस करने लगा।

उसकी चूत का रस लगे मेरे होंठों को वो इस तरह चाट रही थी जैसे मेरे होंठों पर शहद लगा हो।

हम दोनों कई मिनट तक किस करते रहे।

वो मेरे मुंह में जीभ देकर चूस रही थी और मैं भी उसकी चूचियों को दबाते हुए उसके मुंह में जीभ देकर चूस रहा था।

उसके बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया।
मैं लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगा तो वो समझ गई कि उसको क्या करना है।

उसने मेरे लंड को अपने हाथ में थाम लिया और मैं उसके मुंह के करीब हो गया।

उसने मेरे लंड पर मुंह को झुकाते हुए उसको मुंह में भर लिया और लॉलीपोप की तरह चूसने लगी।
मैं तो जैसे जन्नत में पहुंच गया।

बहुत देर उसकी चूत के साथ खेलने के कारण मेरा लंड भी कामरस से भीगा हुआ था।

वो लंड को मस्ती में चूसने लगी और बहुत स्पीड से चूस रही थी।

खुले पार्क में इस तरह से उसके सिर को पकड़ कर उसका मुंह चोदने में मुझे बहुत ज्यादा उत्तेजना होने लगी।

मैंने सोचा कि आज बहुत जल्दी पानी निकल जाएगा।
तो मैंने प्रिया को रोक दिया और उसके मुंह से लंड को बाहर निकाल लिया।

मैंने दोबारा उसकी टांगों को हवा में ऊपर उठा दिया और उसकी चूत पर लंड सेट करके लंड को चूत पर रगड़ने लगा।

धीरे-धीरे मैं लंड को उसकी चूत में डालने लगा।
उसकी चूत पूरी गीली थी और मेरे लंड पर भी कामरस की चिकनाई चुपड़ गई थी।
मैंने लंड पूरा उसकी चूत में सरका दिया।

पूरा लंड चूत में डालने के बाद मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए।
वो दबी आवाज में हल्की हल्की सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … आईई … आह्ह .. अम्म … आह्ह … ओह्ह …

ऐसे करके वो मस्ती में चुदने लगी।

ऐसे ही करीब 7-8 मिनट चुदाई करने के बाद मैंने उसे उठने को कहा और मेरी गोद में बैठने को कहा।
वो उठी और मेरी तरफ अपना चेहरा करके बैठने लगी।

उसने लंड को अपनी चूत पर सेट किया और मेरी गोद में बैठते हुए लंड को अपनी चूत में ले लिया।

फिर धीरे धीरे वो ऊपर नीचे होने लगी।
वो इस तरह से मुझसे चुद रही थी जैसे हम किसी कमरे में हों।

मैं धीरे-धीरे चुदाई की गति बढ़ाने लगा तो वो और जोश में आकर आआह्ह … उम्म … आह्हा … स्स्स … आईई … आह्ह … करके आवाजें करने लगी।

मुझे भी उसको इस तरह से प्यास में चुदते हुए देखकर बहुत मजा आ रहा था।
आज वो चुदाई का कुछ ज्यादा ही मजा ले रही थी।
वो तेजी से अपनी गांड को मेरी जांघों पर पटक रही थी।

फिर पांच मिनट मेरे लंड पर कूदने के बाद उसका बदन अकड़ने लगा।

मैं समझ गया कि अब इसका होने वाला है, उसने मुझे जोर से पकड़ लिया और वो झड़ गई।
मैंने चुदाई जारी रखी और वो भी ऊपर से मेरा साथ दे रही थी।

फिर धीरे धीरे वो थक गई और मैंने उसे खड़ी होने को बोला।
वो खड़ी हो गई।

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मैंने उसको पैर बेंच पर रखने को कहा तो उसने वैसा ही किया।
वो एक पैर बेंच पर रख कर खड़ी हो गई।

उसके बाद मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड सेट किया और एक ही धक्के में पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और तेजी से चुदाई शुरू कर दी।

उसकी आवाज़ में अब दर्द साफ महसूस किया जा सकता था।
वो कराहने लगी- आह्ह प्लीज़ … अब बस करो … आह्ह … अब दर्द हो रहा है।

उसका दर्द देख कर मैंने कुछ देर के लिए चुदाई की गति कम कर दी।

कुछ देर रुककर मैंने फिर से उसे चोदना शुरू कर दिया।

उसी अवस्था में चुदाई करते हुए 15 मिनट और बीत चुके थे।

अब मैं थोड़ा रुका और उसे दोबारा बेंच पर पीठ के बल लेटा दिया और उसकी चूत चाटने और चूसने लगा।

इतनी देर की चुदाई में वो 2 बार झड़ चुकी थी।

मैं आप सभी को बताना चाहूँगा कि मेरी चुदाई करने की टाइमिंग बहुत अच्छी है।
मैं बिना रुके काफी देर तक सेक्स कर सकता हूँ जिसके कारण कई लड़कियां मुझसे सेक्स के दौरान खुद को छुड़ाने की कोशिश करती हैं।

अब मैंने दोबारा उसकी दोनों टांगों को हवा में उठाया और अपना लंड उसकी चूत में डालकर चुदाई शुरू कर दी।
इस बार मैंने चुदाई की स्पीड तेज ही रखी।

मैं हर एक झटका इतनी तेजी से मार रहा था कि जिससे मेरा लंड उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था।

लंड से लगने वाले धक्के से उसको बहुत दर्द हो रहा था और उसके आंसू निकल आ रहे थे।

इसी तरह हमारी चुदाई करीब 20 मिनट तक चली।

फिर मैंने लंड उसकी चूत से निकल लिया और उसे थोड़ी राहत सी आयी।

मैं अभी भी नहीं झड़ा था तो मैंने उसके मुंह में लंड देने का सोचा।
मैंने उसको लंड चूसने के लिए कहा।
वो मेरे लंड को चूसने लगी।
मुझे बहुत मजा आने लगा।

दोस्तो, मुझे लंड चुसवाना और चूत चाटना बहुत पसंद है। लड़कियों से लंड चुसवाने का मैं पूरा मजा लेता हूं।

इसी तरह से मैं अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया से खूब लंड चुसवाता था।
वो लंड में चूसने में पूरी माहिर हो गई थी।

वो कभी मेरे लौड़े को पूरा मुंह में भर रही थी तो कभी मेरे आंड चूसने लगती थी।
मुझे वो जन्नत का मजा दे रही थी।

पिछले आधे घंटे से मैं उसकी चूत मार रहा था तो मेरा लंड भी पूरा लाल हो चुका था और अब चुसवाने में और ज्यादा मजा आ रहा था।

पांच-सात मिनट तक मैंने लंड को उसके मुंह में अंदर बाहर किया।
फिर मेरा वीर्य निकलने को हो गया।

मैंने उसके सिर को पकड़ कर अपने लंड पर दबा दिया और मेरा लंड उसके गले तक फंसा दिया। मैंने दो तीन धक्के मारे और मेरा गर्म-गर्म वीर्य उसके गले में गिरने लगा।

झटके देते हुए मैंने सारा माल उसके मुंह में छोड़ दिया।
उसको उल्टी आने को हो गयी और फिर उसने मेरे माल को वहीं पास में थूक दिया।
अब मैं शांत हो चुका था।

उसने अपनी लैगी ऊपर कर ली और मैंने भी अपने लंड को पैंट में डाल लिया।
मैंने अपनी पैंट को बंद कर लिया और उसने भी कपड़े ठीक कर लिए।

हम वहां से चलने ही वाले थे कि मेरी नजर पास के ही एक बेंच पर पड़ी जहां पर कुछ लड़के बैठे थे।

वो शायद नशेड़ी थे और अपने में ही मग्न लग रहे थे।
मैंने सोचा कि कहीं इन्होंने हमें चुदाई करते हुए देख न लिया हो इसलिए हमने वहां पर ज्यादा देर रुकना ठीक नहीं समझा और वहां से निकल आए।

इस तरह से मैंने पहली बार अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई खुले पार्क में की।
वो चुदाई मैं कभी नहीं भूलता हूं।

उसके बाद हम दोनों इसी तरह नए तरीके से चुदाई का मजा करते रहते हैं।
प्रिया को मैंने अब चोदने के लिए ही रखा हुआ है।
जब भी मेरा मन करता है मैं उसको चोदकर अपनी प्यास शांत कर लेता हूं।

दोस्तो, आपको मेरी गर्लफ्रेंड की चुदाई की ये कहानी कैसी लगी मुझे बताना जरूर!
मैं आप सबकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार करूंगा।

आपका रेस्पोन्स अच्छा रहा तो मैं आपके लिए अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई की और भी कहानियां लेकर आऊंगा।
चीटिंग गर्लफ्रेंड Xxx कहानी पढ़ने के लिए सभी पाठकों का धन्यवाद।
मेरा ईमेल आईडी है [email protected]

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