कैसे बन गया मैं प्लेबॉय

नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप सब.. सबकी खुजली तो मिट रही है न!

मैं नीरज एक बार फिर से मेरी आपबीती लेकर आया हूँ. आपने मेरी पहली कहानी
मौसी की चुदाई की अनहोनी दास्तान पढ़ी होगी. उसके बाद मुझे बहुत सारे इमेल्स आए और उसे कहानी को सराहने के लिए आप सभी का शुक्रिया.

मैं पुणे के एक अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र हूँ. मैं बचपन में बहुत शर्मीला लड़का था. पिछले लगातार चार साल कसरत करने से अब मेरा जिस्म बिल्कुल एक मंजे हुए पहलवान की तरह गठीला हो गया है. ऊपर से मेरे घुंघराले बाल मेरा पुरुषार्थ ब्यान कर रहे थे. मेरा 5 फुट 8 इंच का कद है और सिक्स पैक्स भी है. बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में बहुत होशियार था.

तो जैसा कि मैंने लिखा कि मेरी कहानी पर ढेर सारे ईमेल आए थे, उन्हीं ईमेल में से एक ईमेल एक महिला का भी था, वो भी पुणे से ही थीं. उनका नाम तो मैं नहीं बता सकता. ईमेल में उन्होंने मेरी कहानी में मौसी की चुदाई के बारे में कहा कि मौसी से बात कर लो, अच्छा फील करोगे और वो तुम्हें भी माफ कर देंगी.

उनसे ऐसे ही कुछ बातें हुईं और मैं भी उनको रेस्पॉन्स देता गया. उसके बाद पता चला कि उनकी उम्र तीस साल थी और वो एक हाउसवाइफ थीं. उनका एक बच्चा भी था, वो 3 साल का था. उन्होंने बताया कि उनके घर वालों ने उनकी जल्दी ही कम उम्र में ही शादी करवा दी. उनके पति एक कंपनी में जॉब करते थे और पूरे दिन भर घर में वो अकेली रहती थीं. रात को भी उनके पति थक कर आते थे और जल्दी सो जाते थे.

मैं समझ गया कि वो मुझसे क्या चाहती है. उसके बाद हमने फोन नंबर्स एक्सचेंज कर लिए और व्हाट्सएप्प पर बातें करने लगे. मैं उन्हें सेक्स की बातें करके हर बार गर्म कर देता था. अब उनकी भी चूत मचलने लगी थी.

ऐसे ही बातें करके उन्होंने पूछ ही लिया कि मेरी प्यास बुझाने कब आओगे?
पहले तो मैंने टोक दिया और कहा कि मैं कोई कॉलब्वॉय नहीं हूँ.

फ़िर भी मुझे सामने चूत दिख रही थी तो कब तक मेरे जैसा जवान खुद को रोक सकता था. तो मैंने भी उनको हां कर दी.

उन्होंने मुझे एक मॉल में आने को बोला तो मैं भी सज-धज के निकल पड़ा. जब मैं पहुंचा तो लगा कि शायद किसी ने मजाक कर दिया है. लगभग बीस मिनट के बाद वो आयी और मुझे कॉल करके पार्किंग एरिया में बुलाया.

मैं उधर गया तो कोई दिखाई नहीं दे रहा था, तभी उनका कॉल आया और कहा कि पीछे मुड़कर काली कार में आ जाओ.

मैंने देखा तो एक काली गाड़ी में से एक औरत हाथ हिला रही थी. तो मैं कार में जाकर उनके बगल में बैठ गया. वो तो बहुत ही सेक्सी और कामुक औरत थी दोस्तो. उनके बदन की खुशबू तो चार चांद लगा रही थी. मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे. उनको हैलो बोल कर मैंने उनको देखा तो उन्होंने मुझे गले से लगा लिया.

उसके बाद हम उनके घर की ओर चल पड़े. सफर में मैं उनके एक हाथ और उनके बालों से ही खेल रहा था. उनको भी शायद अच्छा लग रहा था. गाड़ी में ऐसे ही कुछ नार्मल बातें हुईं.

करीब 15 मिनट के बाद हम उनके आलीशान घर में पहुँच गए. वो मुझे अपना बड़ा सा घर दिखाने लगीं. मुझे पानी दे कर वो कॉफ़ी बनाने चली गईं. थोड़ी देर बाद वो कॉफ़ी लेकर आईं और बोलीं- मैं चेंज करके आती हूँ.

कॉफी पीते पीते में उनके बारे में ही सोच रहा था कि वो आ गईं. अब तो वो और भी खूबसरत लगने लगी थीं. उन्होंने सेक्सी काली स्लीवलैस नाइटी पहनी थी जो कि उनके घुटनों तक ही आ रही थी. उनके गोरे बदन पे वो काली नाइटी बहुत जंच रही थी, जैसे कोई चैस बोर्ड दिख रहा हो, काली गोरी का मैच बड़ा सेक्सी लुक दे रहा था. उनकी फिगर लगभग 34-30-32 की होगी. उनकी ऊंचाई भी 5 फुट 3 इंच की थी. उनको देख के तो मैं खो ही गया था. मेरे साथ बिल्कुल किसी सपने में होता है वैसा हो रहा था.

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फिलहाल वो आईं और एक सेक्सी डांस का लुक देकर मेरे बगल में आकर बैठ गईं और मेरी और देख मुस्कराईं. मैं उनका इशारा समझ गया और उनको बांहों में ले कर उनके बेडरूम में ले गया. मैंने उनको चूमते हुए उनके बड़े से गोल आकार के बिस्तर पे पटक दिया.

वो मुस्कुराईं और बोलीं कि इतनी कम उम्र के होकर भी बड़ी प्रोफेशनल फील देते हो.

फिर मैंने अपनी जैकेट और टी-शर्ट उतार दी और उनकी उनके सामने ही नकल करने लगा तो वो हंस पड़ीं. उनके चलने का ढंग, उनके बातें करने का तरीका, उनकी हर अदाएं मैं बिल्कुल सही से कर रहा था.

उसके बाद मैंने उनको उठाकर उनके साथ साल्सा डांस भी किया. थोड़ी देर बाद हम थक कर बिस्तर में लेट गए और मैंने उनको मेरी बांहों में ले लिया था और बातें करने लगा.
वो बहुत खुश लग रही थीं. उस दिन मुझे इस बात का एहसास तो हुआ कि मैं किसी को कुछ किये बिना ही खुश रख सकता हूँ.
उनसे बातें करते करते मैं उनके सर पर बार बार चूम रहा था. उनको भी इस बात की कोई आपत्ति नहीं थी.

दोस्तो, किसी भी औरत को सेक्स से ज्यादा किसी अच्छे साथ की जरूरत होती है. उस दिन से मुझे पता चला कि शायद उनकी जिंदगी में ऐसा कोई नहीं था कि जो उनको वक़्त दे सके, उनसे हंसी मजाक कर सके और उनको खुश कर सके.

करीब एक घण्टे बातें करने के बाद वो फिर से कॉफी बनाने जाने लगीं, तो मैंने उन्हें रोक लिया, मैंने कहा कि इस बार कॉफ़ी में बनाऊंगा.
तो वो हंस दीं और बोलीं- ठीक है.

मैं उनके किचन में जाकर कॉफी बनाने लगा, तो वो भी आ गईं और कहने लगी कि तुम्हारी होने वाली बीवी बहुत ही खुशनसीब होगी, जो उससे तुम्हारे जैसा पति मिलेगा. मैं तुम्हारी बीवी से बहुत जेलस फील करूँगी.

इतना कह कर वो हंस पड़ीं. फिर मैंने उनको कॉफ़ी दी और हम कॉफ़ी पीने लगे.

तब तक उनके बच्चे का स्कूल से आने के समय हो गया था. तो उन्होंने कहा कि तुम ऊपर वाले बेडरूम में टीवी देखना तब तक मैं बेटे को लेकर आती हूँ.

फिर मैं ऊपर जाकर टीवी देखने लगा, पता नहीं मुझे नींद कब लग गई और मैं उसी बेड पे लेट गया. टीवी चालू ही था. काफी देर बाद में नींद से उठा. अब शाम हो गई थी. मैं सोच रहा था कि वो अब तक आई कैसे नहीं? फिर मैं नीचे जाके उनको देखने लगा तो वो किचन में सब्जी काट रही थीं. मैंने उन्हें पीछे से हग किया तो वो बहुत डर गईं, फिर हंस पड़ीं.

मैंने उनसे वैसे ही पूछा कि आपने मुझे उठाया क्यों नहीं?
तो उन्होंने कहा कि तुम सोते हुए बहुत मासूम लग रहे थे.

मैंने उन्हें गाल पे किस किया तो वो कसमसा गईं. कुछ वक्त तो वो वैसे ही मेरी बांहों में बनी रहीं और मेरे आगोश में लिपटी हुई थीं. फिर उन्होंने कहा- अभी मस्ती बस.. तुम ऊपर के बेडरूम में जाके मेरा इंतज़ार करो.

फिर लगभग एक घंटे बाद वो ऊपर आईं. वो साथ में खाना भी लेकर आईं और उनके बेटे को शक न हो इसीलिए तुरंत ही नीचे चली गईं. मैंने वो खाना खा लिया और टीवी देखने लगा. लगभग एक घंटा और बीत गया, वो फिर भी नहीं आईं तो मैं बेचैन होने लगा. मैंने उन्हें कॉल किया तो उन्होंने कहा कि बस बेटे को सुला कर आती हूँ.

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तकरीबन आधे घंटे बाद वो आ गईं. आते ही उन्होंने लाइट बन्द कर दी और मूनलाइट जला दी. वो मेरे पास आके लेट गईं. उन्होंने उस वक़्त पर्पल कलर की मैक्सी पहनी थी.

हम ऐसे ही बातें करने लगे तो मैंने उनसे पूछा कि आपके पति कहां पे है?
उन्होंने कहा कि वो उनके दोस्त के शादी में गए है. दो दिन बाद आएँगे.
उसके बाद मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने मेरे जैसे किसी अनजान लड़के को मिलने घर क्यों बुलाया?
उन्होंने कहा कि तुम्हारे बात करने के तरीके से तुम मुझे बहुत अच्छे लगे और मेरे साथ मेरे बेड पे सो रहे हो तो तुम अनजान कैसे?

इस बात पर हम दोनों हंसने लगे.

अब मैंने देर ना करते हुए उनकी चुचियां पकड़ लीं. एक को चूसने लगा.. और दूसरे हाथ से दबाने लगा. साथ में ही उनकी गर्दन चूम लेता, तो कभी उनकी चुत में उंगली डाल देता. अब धीरे धीरे वो भी फिर से गर्म होने लगीं.

अब वो बोलने लगीं कि अब अपना लंड डाल भी दो.

लेकिन मुझे उन्हें और थोड़ी देर तरसाना था. मैं उनकी चुत चाटने लगा. मैं ऐसे चुत चाट रहा था, जैसे कोई बच्चा आइसक्रीम चूस रहा हो. कुछ देर बाद मैं उनकी चुत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा तो वो चिहुँक उठीं. जैसे किसी प्यासे इंसान का पानी के बिना हाल होता है, वैसा ही उनका हो रहा था. फिर मैंने अपने लंड पर धीरे धीरे दबाव बनाते हुए उनकी चुत में डालने लगा. आधा लंड घुसने के बाद एक जोर के झटके के साथ मैंने पूरा लंड उनकी चुत में उतार दिया.

उन्होंने मुँह से प्यार भरी ‘आह.. मर गई…’ की कराह निकाली.

अब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना चालू कर दिए. उनकी चुत किसी गर्म भट्टी की तरह हो गई थी. मेरा लंड भी उनके गरमी की वजह से पूरा गर्मा गया था. अब वो बोलने लगीं- आह चोद दो जोर जोर से.
मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा.

हम मिशनरी अवस्था में थे तो आप कल्पना कर सकते हो कि हमें कितना मज़ा आ रहा था. उनका पूरा जिस्म मेरी मजबूत बांहों में था. धक्के लगाते हुए मैं उनकी गर्दन को भी चूमे जा रहा था. वो तो पूरी तरह से पागल हो कर कुछ भी बड़बड़ा रही थीं.

एक अँधेरी रात में जैसे दो पंछी प्रेमविहार में डूबे हों, वैसा नजारा था.

आज पहली बार दिल को सुकून मिल गया था. बाद में मैंने पोजीशन बदलने को चाहा और खुद एक कुर्सी पर बैठ कर उन्हें अपने लंड पर बिठा कर झटके मारने को बोला. वे वैसे ही हो गईं.

अब मेरा लंड उनके चुत की कश्ती में झटके लगा रहा था. ऐसा लग रहा था यह पल बस यहीं थम जाए. बाद में मुझे मेरे लंड में कुछ गर्म एहसास हुआ, मैडम ने अपना लावा छोड़ दिया था.
झड़ जाने के बाद उन्होंने अपना जिस्म पूरी तरह से मेरे हवाले कर दिया था.

कुछ देर झटके लगने के बाद मैं भी उनकी चुत में झड़ गया. मैं उनको उठा कर बिस्तर पर ले आया. वो मेरी बांहों में वैसी ही लेटी रहीं और हम दोनों वैसे ही नंगे बिस्तर पर लेटे रहे.
किसी कैदी को जैसे जेल से बाहर आने पर होता है, शायद वैसा ही हाल मेरा लंड को हुआ होगा. कब उनकी बांहों में नींद आ गई, पता ही नहीं चला.

फिर सुबह उठकर उन्होंने मुझे 5 हजार रूपए दिए और बोला कि मैं फिर से कॉल करूँगी.

तो दोस्तो यह रही मेरी प्लेबॉय बनने की दास्तान.. कैसी लगी मुझे जरूर बताइएगा. आपके इमेल्स का इंतज़ार रहेगा.
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