भैया और पापा ने मुझे चोदकर प्रेग्नेंट किया

फ्री फैमिली सेक्स Xxx कहानी मेरे मायके में चुदाई की है. शादी से पहले मैं अपने भैया की रंडी बन गयी थी. शादी के बाद मैं भाई से प्रेग्नंट होने मायके आई.

दोस्तो, मैं राजकुमारी एक बार फिर आप लोगों के लंड से पानी निकलने के लिए आ गई हूँ.

मैं सबको बता दूँ कि अब मुझे चुदाई का लाइसेंस मिल चुका है, मतलब मेरी शादी हो गई है.
अब मैं बिंदास हो गई और पूरी तरह से खुल कर चुदाई करवा सकती हूँ.

पहली सेक्स कहानी
मैं अपने भैया की रंडी बन गयी
में मैंने लिखा था कि मैं अपने भैया की रंडी बन गयी थी. उस सेक्स कहानी को आप लोगों का बहुत प्यार मिला और बहुत सारे मेल भी आए.
तब भी मैं कुछ लौड़ों का जवाब नहीं दे सकी.
उसके लिए मेरी चूत को माफ़ मत करना, जी भर के पेलना.

जो लोग नए नए जुड़े हैं, वो मेरी पहली वाली कहानी पढ़ लें, उन्हें मैं समझ आ जाऊंगी.

अब आप लोगों के लंड को और इन्तजार ना करवाते हुए मैं अपनी फ्री फैमिली सेक्स Xxx कहानी में आती हूँ.

बात ऐसी है कि मैं अपने भैया से एक बच्चा चाहती थी, तो मैं अपने पति से बोली कि मुझे अपने पीहर की याद आ रही है. चलो न आप कल मुझे घर छोड़ देना प्लीज.

मेरे पति मान गए और बोले- कितने दिन के लिए जाओगी मेरी जान?
मैं बोली- बस कुछ ही दिनों के लिए. मैं जल्दी ही वापस आ जाऊंगी, फिर आप को एक खुशखबरी सुनाउंगी.

वो ‘ठीक है …’ बोल कर ऑफिस चला गया.
पति के जाते ही मैंने अपने भैया को कॉल लगाया और अपने आने की बात बता दी.

मैं अपने पति के साथ अगले दिन सुबह ही निकल गई.
दोपहर को मैं मायके पहुंच गई.

घर आते ही मेरे भैनचोद भैया ने मेरा मस्त स्वागत किया.

मैंने मम्मी पापा का आशीर्वाद लिया.
भैया तो अपना सैंया हैं तो मैं उसके सीने से लग गई. भैया ने भी मुझे कसके अपने सीने पर दबा लिया.

मैं कराह कर बोली- आंह भैया क्या कर रहे हो … फिर मैंने मम्मी को बोला कि देखो न मम्मी, भैया मुझे कितनी जोर से दबा रहा है.

मम्मी भी भैया की ही तरफ बोलीं- तो क्या हुआ … बहुत दिनों के बाद आई है तो जोर से ही तो करेगा न!
मैं बोली- मम्मी आप भी ना.

फिर मम्मी बोलीं- ओके ठीक है, अब जाओ और फ्रेश हो जाओ, थक गई होगी.

दरअसल मुझे भैया ने बताया था कि उन्होंने मम्मी को भी चोद लिया है और मम्मी को भी ये मालूम हो गया था कि मेरा भाई मुझे चोद चुका है. इस बार हम तीनों अपने चुदाई के गेम में पापा को शामिल करने की कोशिश करने वाले थे.

मम्मी ने भी भैया को बता दिया था कि वो किसी दूसरी जवान चुत चोदने के मूड में हैं.
इस पर भैया ने मम्मी से मुझे पापा के लंड के नीचे लाने की बात कही थी.

मम्मी ये कह कर राजी हो गई थीं कि यदि राजकुमारी चाहेगी तो पापा को भी कोई उज्र नहीं होगा.

अब मैं और मेरे पति दोनों फ्रेश हो गए और उन्होंने हमारे घर में सभी से उनके हालचाल पूछे और बातें करते रहे.

मैं मम्मी से बोली- मुझे भूख लगी है, कुछ खाने के लिए दो न.
मम्मी बोलीं- खाना बनाना पड़ेगी बेटी, तुम लोग बातें करो, मैं खाना बना देती हूँ.

मैं बोली- मम्मी आप रुको, मैं बना देती हूँ.

मैं खाना बनाने रसोई में चली गई और खाना बनाने लगी.
फिर मेरे बहन चोद भैया मेरे पीछे से आ गए और मेरे बड़े बड़े चूचों को दबा कर कान में बोले- क्या माल लग रही है मेरी रंडी!

मैं बोली- धीरे बोलो, मेरा पति सुन लेगा.
भैया बोले- कितने दिनों के लिए आई है?

मैं बोली- एक महीने के लिए आई हूँ. आपने मुझसे बोला था न शादी से पहले कि कुछ दूंगा. उसी को लेने आई हूँ.
भैया बोले- क्या बोला था मेरी जान?
मैं- भूल गए, मुझे बच्चा चाहिए आप बोले थे न कि मैं दूंगा.

भैया- अच्छा वो, ठीक है आज ही दे दूंगा.
मैं- अब छोड़ भी रे … चूचों को कितना दबाएगा. अभी तो एक महीने के लिए हूँ … रोज दबा लेना.

फिर ‘ठीक है …’ बोल कर भैया ने छोड़ दिया और मेरे होंठों पर किस करके चले गए.

मैंने खाना बना कर सबके लिए टेबल पर रख दिए और हम सभी ने खाना खा लिया.

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फिर मेरे पति को घर जाना था क्योंकि उन्हें एक ही दिन की छुट्टी मिली थी इसलिए वो घर चले गए.

इधर रात का खाना खाने के बाद सब अपने अपने रूम में चले गए.
मम्मी पापा अपने रूम में, मैं और भैया तो शादी के पहले से ही एक ही रूम पर सोते आए हैं, तो मैं और भैया कमरे में आ गए और बेड पर बैठ कर एक दूसरे को देखते रहे.

भैया बोले- चलो मूवी देखते हैं.
मैं बोली- पहले मुझे चुदाई करनी है बहनचोद. पहले मेरी गांड मार, फिर मूवी देखना.

भैया- चल ठीक है रंडी, तेरा पति नहीं मारता है क्या?
मैं- वो मेरी गांड मारता तो है साले लेकिन मुझे आज तेरा लंड चाहिए, उसका नहीं.

मेरे इतना बोलते ही भैया ने मुझे बेड में धक्का देकर लिटा दिया और वो मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे किस करने लगा, मेरे चुचे दबाने लगा.
फिर एक एक करके मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी करने लगा.

कुछ देर बाद मैं पूरी नंगी हो गई.
भैया ने मेरी चूत को देखा तो उसकी लार टपकने लगी.

वो मेरी चूत को चाटने लगा और अपने जीभ से मेरी चूत को चोदने लगा.
मुझे अपने भैया से अपनी चुत चटवाने में बहुत मजा आ रहा था.
मैं भी मजे ले लेकर और उसके सर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी.

मेरी कामुक आवाजें निकलने लगीं- अंह और चोद साले चोद … बहन के लौड़े बहनचोद … इतने दिनों तक तुझे तेरी रंडी की कभी भी याद नहीं आई कुत्ते हरामखोर.
भैया बोले- आती थी मेरी जान.

मैं बोली- तो आए क्यों नहीं … आंह मेरी चुदाई करने के लिए मेरी ससुराल में आ जाता … या तुझे कोई और मिल गई है?
भैया बोले- हां … तुझे बताया था न … चल तुझे आज मजा दिलाता हूँ.

मैं बोली- क्या मजा दिलाओगे.

भैया ने मुझे ब्रा और पैंटी पहनाई और मेरा हाथ पकड़ कर रूम से बाहर ले गया.

मैं बोली- क्या दिलाएगा, दिखा न?
वो बोला- चुप रस साली रंडी, आवाज मत कर.

उसने मुझे मम्मी पापा के रूम की खिड़की के पास ले जाकर कहा- यहां से देख.
मैं बोली- क्या है?

फिर मैं देखने लगी और मैंने देखा कि मम्मी अपनी मस्त चुदाई करा रही थीं.

मैं देखती रही और भैया मेरी दोनों टांगों के बीच में नीचे बैठ कर मेरी चूत को चाटने लगा.
अपनी मम्मी की चुदाई देखती हुई मैं फिर से गर्म होने लगी.

पापा का लंड बहुत मोटा और लम्बा था. मेरी चूत में कीड़े रेंगने लगे.

मैं बोली- भैया, अब मुझे पापा का लंड चाहिए.
भैया- अभी मेरा लंड तो है … ले ले, जितना लेना है.

मैं- साले अब आज मुझे तेरा नहीं, पापा का लंड चाहिए … आंह पापा का लौड़ा कितना बड़ा है.
भैया- पागल है क्या … बिना उनकी मर्जी के उनका लंड कैसे लेगी तू?

मैं- तू बस देखता जा. जा जल्दी से मेरी नाईट ड्रेस ले आ.
भैया- ठीक है लाता हूँ.

भैया मेरे कपड़े ले कर आया.
मैं बोली- मैं भी मम्मी के रूम में जाऊंगी और बोलूंगी कि मुझे यहीं तुम दोनों के साथ ही सोना है. फिर कुछ देर बाद तू भी आ जाना और तू भी यही बोलना.

भैया मेरी स्कीम समझ गया.
मम्मी तो राजी थीं ही!

मैंने रूम के दरवाजा खटखटाया तो मम्मी और पापा ने चुदाई करना बंद कर दी और जल्दी से अपने कपड़े पहन कर दरवाजा खोल दिए.

तभी मैंने अपना नाटक चालू कर दिया. मैं बोली- मुझे नींद नहीं आ रही, मुझे यहीं सोना है तुम दोनों के साथ.
मम्मी बोलीं- तू भी न … यहां कहां सोयेगी?

मैं जिद करने लगी तो मम्मी बोलीं- ठीक है … आ सो जा.

मैं मम्मी पापा के बीच में सो गई.
कुछ देर बाद भैया भी आ गया और वो भी यही बोला.
मम्मी ने उसे भी सुला लिया.

मैं और मम्मी बीच में थे, वो मम्मी की दूसरी तरफ सो गया. पापा मेरे पीछे.

अब हम सब सो गए. मैं सोने का नाटक करने लगी. कुछ देर बाद मैं पापा के ऊपर अपनी टांग और हाथ रख कर सो गई और ऐसे ही सोयी रही.

कुछ देर बाद पापा ने भी मुझे अपनी तरफ खींच लिया और अपने सीने से चिपका लिया.
मैं बहुत खुश हो गई, मेरी स्कीम सफल हो गई थी.

फिर मैंने पीछे मुड़ कर भैया को देखा, वो भी मम्मी को पकड़ कर सोया था.

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मैंने धीरे से पापा के लंड को पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी.

कुछ देर तक लंड सहलाने के बाद पापा की नींद खुल गई.

पापा बोले- ये क्या कर रही है?

मैं नींद में सोने की नाटक करने लगी. उन्हें लगा कि ये नींद में कर रही है, तो वो कुछ नहीं बोले.
क्योंकि वो भी तो गर्म थे और वैसे भी मैंने उनकी चुदाई को अधूरा ही कर दिया था.

पापा मेरे मजे लेने लगे और मेरे होंठों को किस करने लगे.

मैं आप लोगों को अपनी खुशी को कैसे बताऊं दोस्तो … बड़ा मजा आ रहा था.

पापा के कुछ देर किस करने पर मैं भी पापा को किस करने लगी.
वो समझ गए कि ये चुदवाने के लिए ही आई है.

अब पापा ने मेरे सभी कपड़े और ब्रा पैंटी को उतार दिया और मुझे पूरी नंगी कर दी.

उधर भैया और मम्मी की भी चुदाई चालू हो चुकी थी.

मम्मी भैया के लंड को चूस रही थीं और पापा ने मेरी चूत में अपने बड़े लंड को घुसेड़ दिया था.
मेरी चीख निकल गई तो पापा ने मेरे मुँह को अपने हाथ से बंद कर दिया और धीरे धीरे मुझे चोदने लगे.

मैंने देखा कि बाजू में मम्मी, भैया के लंड को चूस रही थीं.
वो कम्बल के अन्दर चूस रही थीं तो मैंने कम्बल को हटा दिया.

मैं ड्रामा करती हुई बोली- मम्मी ये क्या कर रही हो?
मम्मी बोलीं- साली रंडी, जो तू कर रही है … मैं भी वही कर रही हूँ. साली तुझे सब मालूम है और मैंने ही तेरे पापा को तेरी चुत चुदाई के लिए कहा था.

पापा मम्मी और मैं हंसने लगी.

फिर मम्मी भैया के लंड के ऊपर बैठ गईं और चूत चुदाने लगीं.

वो चिल्ला चिल्ला कर अपने बेटे के लंड का मजा ले रही थीं.

इधर मुझे पापा चोद रहे थे.

फिर कुछ देर बाद मैंने मम्मी को इशारा किया कि मुझे भैया का लंड चाहिए.

उन्होंने भी सर हिला दिया कि ठीक है आ जा … और अपने भैया के लंड पर बैठ जा.

अब मैं भैया के ऊपर लंड पर बैठ गई और चुत चुदवाने लगी.

दोस्तो अब हम चारों एक बिस्तर में चुदाई कर रहे थे.

क्या रंगीन नजारा था. भैया, मैं, मम्मी पापा सब एक साथ एक बिस्तर पर नंगे थे और हमारी चुदाई चालू थी.

फिर मैंने पापा के लंड को अपनी चूत में ले लिया और उनके मोटे लंड से चूत चुदवाने लगी.

दस मिनट बाद पापा ने अपने लंड का पानी मेरी चूत में ही छोड़ दिया और भैया मम्मी की चूत में झड़ गए.

फिर पापा और मम्मी बोले- अब चलो जाओ अपने कमरे में … बहुत खेल लिया साले दोनों हरामी हैं.

मैं और भैया हंसते हुए और अपने कपड़े वहीं छोड़ कर अपने रूम में आ गए.

उधर कुछ देर बाद मैंने भैया का लंड खड़ा किया और चूसने लगी. हमारी चुदाई फिर से शुरू हो गई.

मैं भैया से बोली- भैया मम्मी की चूत कैसी लगी?
भैया बोले- एकदम कचौड़ी है … इससे पहले भी मैं मम्मी की चूत के मजे चार बार ले चुका हूँ.

मैं बोली- अच्छा साले तू तो पक्का वाला मादरचोद भी बन गया है.
वो बोला- तू तो मुझे छोड़ कर चली गई थी, तो मैं क्या करता.

मैं- चल ठीक है, लेकिन तू बहनचोद ही रहेगा हमेशा … मादरचोद नहीं, समझे.
भाई मेरी चुदाई करने लगा.

फिर बीस मिनट बाद उसने अपना पानी मेरी चूत में ही निकल दिया.

दोस्तो मैंने अपने पीहर में एक ही रात में पापा और भैया दोनों के लंड का पानी अपनी चूत में ले लिया था.

मुझे बहुत ख़ुशी हुई और उस फ्री फैमिली सेक्स Xxx रात को मैं कभी नहीं भूलूंगी.

फिर इसी तरह मैं रोज अपनी चूत की चुदाई कराती रही. कभी पापा से, तो कभी भैया से चुदवाती रही.

ऐसे ही फ्री फैमिली सेक्स करके एक महीना कब निकल गया, मुझे पता ही नहीं चला. अब मैं अपनी ससुराल में आ गई.

ससुराल में आते ही मेरे पति ने मुझसे पूछा- तुम मुझे कुछ सरप्राइज देने वाली थी … क्या है बताओ?
मैं बोली- मैं प्रेग्नेंट हूँ.

ये बात सुनते ही मेरे पति बहुत खुश हो गए और मुझे किस करने लगे.

दोस्तो, ये थी मेरी पहली प्रेग्नेंट होने की सेक्स कहानी, आप लोगों को फ्री फैमिली सेक्स Xxx कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके बताएं.
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