मेरी चुदक्कड़ बहन को लंड की जरूरत थी

नमस्कार दोस्तो, मैं मकबूल खान आपके पास मेरा सेक्स एक्सपीरियंस लेकर आया हूँ, जिसमें मैंने मेरी बहन को चोदा है. मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ. मेरे घर में अम्मी शाजिया 49 साल, अब्बू आरिफ 50 साल, मैं 29 साल का, मेरी बड़ी बहन सोनिया 31 साल की और छोटी बहन अफसाना 24 साल की है.
इस कहानी से पहले भी मेरी एक कहानी प्रकाशित हो चुकी है
सलमा ने बनाया बलमा
यह बात कुछ समय पहले की है.

मेरी बड़ी बहन सोनिया बड़ी ही चुदक्कड़ थी, वो बहुत से लड़कों से चुदवाती थी और उसका चक्कर मेरे अंकल से भी था. सोनिया की इन हरकतों की वजह से पापा मम्मी बहुत परेशान रहते थे और डरते थे कि कहीं छोटी लड़की भी उसके नक़्शे कदम पे न चल पड़े. इसलिए पापा ने एक लड़का देख कर सोनिया की शादी कर दी. सोनिया की शादी एक साल पहले हो गई थी. मगर वो सिर्फ तीन महीने ही ससुराल में रही और वापस घर आकर बैठ गयी क्योंकि उसकी चूत की खुजली कभी शांत नहीं होती थी और वहां सुसराल में वो अपने देवर से चुदने लगी थी. उसने उधर पड़ोस में एक यार भी बना लिया था. मगर मेरे जीजा ने सोनिया को उसके देवर के साथ चुदवाते देख लिया था और सोनिया को मार पीट कर घर भेज दिया.

उसके घर आने पर पापा उस पर बहुत चिल्लाए, जीजा से बहुत अनुनय विनय की मगर मेरे जीजा उसे वापस ले जाने को तैयार नहीं हुए.

अब उसको घर बैठे दो महीने हो चुके थे और पापा ने उसका घर से बाहर जाना बंद कर दिया था. सोनिया इन दिनों लंड के लिए तड़प रही थी और इसकी वजह से घर में लड़ाई झगड़ा होता रहता था.
मेरी दोनों बहनें एक ही कमरे में सोती थीं और देर रात को उनके कमरे से सिसकारियों की आवाज़ आती थी.

एक दिन मैंने सोचा ये सिसकारियों की आवाज़ किसकी है, देखना पड़ेगा. इसलिए मैंने एक रात को दरवाज़े के की-होल में से देखा. उस वक़्त रात के दो बजे थे. मैंने देखा कि मेरी बड़ी बहन सोनिया टाँगें फैलाकर अपनी चूत रगड़ रही है और आँखें बंद करके सिसकारियां ले रही है. उस रात को मैं ये देख कर अपने कमरे में आया और सोचा कि बहन को लौड़े की ज़रूरत है, मुझे घर पर हो रहे रोज़ के कलेश को भी खत्म करना था, तो मैंने सोचा कि बहन की चुत की खुजली मिटानी पड़ेगी.

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बस ये सोचते हुए मैं उस रात तो लंड हिला कर सो गया. सुबह से मैं अपनी बहन को चोदने की प्लानिंग करने लगा.
अब मैं सोनिया के पास ज्यादा वक़्त बिताने लगा और उससे ज्यादा बात करने लगा. उसको ज्यादा से ज्यादा छूने की कोशिश करने लगा.. उसका सारा काम कर देता. उसको बाइक पे बिठा कर बाज़ार भी ले जाता, जिससे उसके मम्मे मेरी पीठ में बार बार टच होते. अब जब भी वो मुझे देखा करती तो मैं जानबूझ कर उसके सामने अपने लौड़े को मसलता और ज्यादातर बिना शर्ट के रहता. मैं ढीला पजामा भी पहनता कि न जाने कब लंड खुलने की जरूरत आ जाए.

मैं अपना लंड कड़क करके उसके सामने जाता, जिससे मेरे पजामे में तंबू बना रहता और बिना अंडरवियर के मेरे लौड़े का आकार और लम्बाई अच्छे से दिखाई देती. वो भी मेरे खड़े लंड को लालच भरी नजरों से देखने लगी थी.

कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा. मैंने देखा कि सोनिया अब मेरी ओर खिंच रही थी. अब हमेशा ही उसका ध्यान मेरे पजामे पर रहता और वो मेरे खड़े लौड़े को देखती रहती. वो पजामे में हिलते हुए लौड़े को देख कर मुस्कुरा भी देती, मुझे पता था वो अब लाइन पे आ रही है.
अब मुझे उम्मीद हो चली थी कि सोनिया की चूत अब मेरे लंड से ज्यादा दूर नहीं है.

बस अब मुझे एक आखिरी काम ये करना था कि वो खुद सेक्स की बात करे. उसके लिए मैंने अपने मोबाइल में कुछ भाई बहन की पोर्न मूवी डाउनलोड की और एक गेम भी डाउनलोड कर लिया. मैं योजना के साथ उसके साथ बैठ कर गेम खेलने लगा. खेलते समय सोनिया मेरे लौड़े को ही देख रही थी. मैं भी अपने लौड़े के पास हाथ लगाता और खुजाता.

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अचानक मैंने सोनिया से कहा- आपा!
वो बोली- क्या हुआ?
मैंने कहा- आपा, ये गेम बहुत अच्छा है, आप खेल कर देखो.

सोनिया ने मेरा मोबाइल ले लिया और मैं वहां से बहाना कर चला गया. उसने गेम देखा और कुछ देर गेम खेल कर वो मेरे मोबाइल में पोर्न देखने लगी. मैंने भी उसे आराम से मोबाइल देखने दिया.

आधा घंटा वो पोर्न देखती रही. तभी मेरे मोबाइल पे मेरे दोस्त का फ़ोन आ गया और उसने बिना पोर्न मूवी बन्द किए हुए ही मुझे आवाज लगा दी. मैं आया तो उसने मुझे मोबाइल दे दिया. मैंने जब मोबाइल पे बात करके फ़ोन काटा तो पोर्न मूवी वापस प्ले हो गई.

जब मैंने अपनी बहन की तरफ देखा तो वो मुझे ही देख रही थी. मेरे देखते ही उसने मुझसे नज़रें चुरा लीं और मुस्कुरा दी.

फिर हम दोनों अपना अपना काम करने लगे. शाम को सोनिया ने मुझसे कहा कि में रात को जब कॉल करूँ, मेरे कमरे में आ जाना.
मैं जानता था कि सोनिया मुझे रात को क्यों बुला रही है, मगर मैंने अनजान बनते हुए सोनिया से कहा- क्यों कोई काम है क्या आपा?
तो उसने बताया कि वो रात को ही बताएगी.
मैंने कहा- ठीक है.

अब मुझे रात का बेसब्री से इंतज़ार था. मैं अपने बिस्तर पर लेटे हुए फेसबुक चला रहा था. रात को एक बजे सोनिया का कॉल आया कि मेरे कमरे में आ जाओ.
मैंने कहा- ठीक है.
मैं जल्दी से सोनिया के कमरे में गया जहां बेड पर मेरी छोटी बहन सो रही थी और नीचे बेड के पास सोनिया ने एक अलग बिस्तर बिछाया हुआ था. मैं गया और सोनिया के पास बैठ गया.

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