मायके में अनजाने में भाई ने मुझे चोद दिया

बहन की भाई से चुदाई कहानी में पढ़ें मैं मायके गयी हुई थी और भाई के कमरे में सो रही थी. भाई रात को शराब पीकर आये और मुझे अपनी पत्नी समझ लिया.

मैं भावनी थापे एक 26 साल की एक हाउस वाइफ हूं.
मेरी शादी के 3 साल हो गए हैं लेकिन अभी तक मुझे बच्चों का सुख नसीब नहीं हुआ, जिसके चलते मुझे सास व ननद से बहुत ताने मिलते थे.

मेरे पीहर वाले घर में 6 सदस्य हैं मां पिता भाई और भाई के दो बच्चे. मेरे भाई मुझसे 6 साल बड़े हैं. मेरे भाई की शादी 2014 में हुई थी.

मेरी शादी 2017 में 22 मई को हुई थी.
मेरे पति ने सुहागरात बहुत अच्छे से मनाई.
मुझे अपने पति के लंड से चुद कर ठीक ठाक लगा था.
चूंकि मैंने अब तक किसी और मर्द की तरफ नहीं देखा था तो मुझे अपने पति के लंड से कोई शिकायत नहीं थी.

लेकिन शादी के 18 महीने होने के बाद में गर्भवती नहीं हुई जिसके चलते मैंने अपना और अपने पति का मेडिकल चैकअप कराया.
उससे पता चला कि मेरे पति के शुक्राणुओं की कमी के चलते मैं गर्भवती नहीं हो पा रही हूँ.

ये बात 04 अप्रैल 2020 की है. उस वक्त देश में लॉकडाउन लगा हुआ था.
मैं उस समय मायके आई हुई थी.

मायके में रहते हुए मुझे 20 दिन हो गए थे. मुझे मासिक धर्म 28 मार्च 2020 को हुआ थे.
उस वक्त 4 अप्रैल को मेरे गांव में शादी थी.
उस समय गांव में सीमित आदमियों के बीच शादी हो रही थी.
गर्मी बहुत ज्यादा थी.

शादी के दूसरे दिन हम सब घर में ही थे.

उस रात को मेरे मां पिता छत पर सोये थे और मैं और मेरी भाभीजी रात को अपने भाई के कमरे में सोए थे.
देहात में रहने के कारण हम सब लोग रात को 9 बजे सो जाते हैं.

मेरी भाभी जी रात को लगभग 10 बजे बिना बताए रात को छत सोने चली गईं.
मैं थकी हुई थी तो सोती रही.

उसके बाद रात को मेरे भाई 11 बजे रात में शराब पीकर घर आए.
वो सीधे अपने रूम आ गए.

संयोग से उस समय बिजली नहीं आ रही थी, जिसके चलते मेरे भाई को शराब के नशे के कारण ध्यान नहीं रहा कि बिस्तर पर कौन लेटा है और वो कपड़े उतार कर मेरे पास सो गए.

मैंने उस समय नाइटी पहनी हुई थी जो बिना ब्रा और बिना जांघिया के पहनी थी.

दस मिनट के बाद मेरे भाई ने मुझे अपनी पत्नी समझ कर जोर से पकड़ लिया और मेरे दूध दबाने लगे.

मैं एकदम से अचकचा गई. मैं अभी कुछ कहती, तब तक भाई ने मेरे मुँह पर हाथ से मेरी आवाज दबा दी.
अब वो मेरे एक दूध को चूसने लगे.

मैं अपने भाई को बताने की कोशिश कर रही थी कि मैं आपकी बहन हूं लेकिन मेरे भाई ने शराब के नशे में मुझे जकड़ा हुआ था और वो कुछ भी सुनने के मूड में नहीं थे.

मुझे भी बीस दिन से लंड नहीं मिला था तो मैं भी चुप रही.

और मुझे उस वक्त अपनी कोख में बच्चा चाहिए था तो मुझे ये भाई से चुदाई का मौका सही लगा.

मैं चुप बनी रही और अपने भाई को उसकी मर्जी का करने देने लगी.

फिर दस मिनट के बाद भाई ने अपनी चड्डी को उतार दिया और मेरी चूत में उंगली करने लगे.
मैं एकदम से गर्मा गई और मेरी चूत से पानी रिसने लगा.

फिर कुछ मिनट के बाद भाई ने अपना 6 इंच का कड़क लंड मेरी चूत के छेद में सटाया और पेलने की कोशिश करने लगे.
भाई का लंड काफी मोटा था जबकि मेरे पति का लंड भाई के मुकाबले आधा भी नहीं था.

भाई के जोर लगाने के बावजूद भी उनका लंड मेरी चूत के अन्दर नहीं घुस पा रहा था.
मेरे भाई ने गुस्से में मुझे गाली दी- मादरचोद लंड ले भोसड़ी की.

ये कह कर उन्होंने मेरी चूत में बहुत सारा थूक लगा दिया.
इससे मेरी चूत बहुत गीली हो गई.

फिर मेरे भाई ने लंड घुसा दिया.
उनके लंड का लाल सुपारा मेरी चूत को चीरते हुए अन्दर घुसने लगा.

मोटे लंड के चलते मुझे बहुत दर्द हुआ मगर मैं मज़ा लेती हुई अपना मुँह तकिया से दबा कर लंड झेलने लगी.

मुझे उस समय अपने भाई का लंड अपनी चूत के लिए एक सही डंडा लग रहा था.
उसके वीर्य से मैं ग्याभन हो सकती थी.

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मुझे डर था कि कहीं बिजली न आ जाए.
इसलिए मैंने तकिये से अपना चेहरा छुपा लिया था.
ताकि जब लाइट आए तो मेरे भाई को शर्म ना आए.

फिर दो मिनट तक वो मेरे मम्मों को बहुत जोर जोर से मसलते और दबाते रहे.
मुझे अपने दूध मसलवाने में बहुत मज़ा आ रहा था.
मेरी चूत ने भी अपना दर्द भुला दिया था.

उसी समय भाई ने फिर से ताकत लगाई और उनका लंड बहुत जोर से अन्दर घुसता चला गया.
मैं तेज दर्द के कारण एकदम से तिलमिला उठी.
लेकिन मैं चिल्ला भी नहीं सकती थी क्योंकि मैं अपनी भाई से चुद रही थी.

उस वक्त घर की छत पर मां पिता भाभीजी सो रहे थे.
यदि मैं चिल्लाती तो भाई के लंड से चुदने का सुख खो बैठती और ऊपर छत पर सोये सभी लोगों को पता चला जाता.
मैंने भाई से चुदाई में अपने दर्द को जज्ब किया.

मगर मेरा भाई दारू के नशे में मेरी कसी हुई चूत की चुदाई का मजा ले रहे थे. उनको उस समय एक कमसिन चूत चोदने का मजा मिल रहा था.

वो जोर जोर से अपना मोटा लंड मेरी चूत में घुसाने में लगे थे.
मेरी चूत में बहुत दर्द हुआ लेकिन मैं भी सारा दर्द झेल कर चुदती रही.

बहुत देर तक मेरे भाई ने मुझे धकाधक चोदा.
मेरी चूत की मस्त चुदाई हुई.

भाई ने अपने मोटे लंड से मुझे चोदकर मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया.
मेरी चूत अपने भैया के लंड से चुदकर बहुत दर्द कर रही थी.

उनकी चुदाई से पूरा कमरा चुदाई की फचाफच वाली आवाज से कमरा गूँज गया था.
फिर मेरे भाई ने मुझे चोदकर अपने लौड़े का सारा माल मेरी चूत में टपका दिया और मेरे ऊपर ही ढेर हो गए.

वो नशे में चूर तो पहले से ही थे, चुदाई के बाद झड़ने से भाई काफो थक गए थे तो मेरी चूत में अपना लंड फंसाए हुए ही मेरे ऊपर ढेर हो गए.

वीर्य की गर्म धार से मेरी चूत भीग गयी थी. मुझे अपने जीवन में इस चुदाई से काफी मज़ा आया था.
सच तो ये था कि आज पहली बार मेरी सही से चुदाई हुई थी.

मेरी चूत में अभी भी बहुत दर्द हो रहा था. ऐसा लग रहा था कि मेरी चूत फट गई है.

फिर किसी तरह से मैंने भाई को अपने ऊपर से बाजू किया और मैं उठ कर जाने लगी.

उसी वक्त मेरे भाई मुझे पकड़ लिया और बोले- पूजा, कहां जा रही है?
मेरी भाभीजी का नाम पूजा है.

भाई मुझे पूजा समझ रहे थे.
मेरे भाई मुझे खींच कर अपने साथ लिटाने लगे.
मैं नंगी ही अपने भैया के साथ लिपट कर लेट गई.

बीस मिनट के बाद लाइट आ गई.
लाइट आने के बाद कुछ मिनट तक मैं अपने चेहरे को छिपाए रही.

भैया सो चुके थे.

मैं उठी और बाथरूम में जाकर अपनी फटी हुई चूत को देखा और साफ़ करके मंद मंद मुस्कुराने लगी.

फिर मैं बाहर आई और नाइटी पहन कर दबे पांव छत पर गई.

उधर देखा तो मां पिता जी और भाभीजी सो रहे थे.

मैं एक पल कुछ सोचती रही, फिर नीचे आकर भैया के कमरे में आ गई.

कमरे का दरवाजा बंद करके लाइट का स्विच ऑफ किया और मैं अपने भाई के साथ सो गई.
एक घंटा बाद मेरे सोए हुए भाई ने मुझे फिर से पकड़ लिया.

मेरे भाई का लंड फिर से खड़ा हो गया था.
भाई मेरे साथ फिर से हरकत करने लगे.

मेरी चूत में दर्द होने के कारण मैं अपने भाई को चोदने नहीं दे रही थी मगर लग रहा था कि लंड फिर से ले ही लूं.

तभी मेरे भाई ने उठ कर मेरी चूत में अपना मुँह लगा दिया और मेरी चूत को चाटने लगे.
वो मेरी चूत को कभी चूस रहे थे, कभी उसमें अपनी उंगली घुसाने लगते थे.
इससे मेरी चूत फिर से खौल गई और उसका दर्द जाता रहा.

फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गए और मेरे मम्मों को दबाने लगे. मुझे मजा आने गा और मैं चुपचाप अपने भाई के साथ सेक्स का मजा लेने लगी.

इस तरह से भैया ने कुछ मिनट तक मुझे गर्म किया और मेरे दूध चूसे.
लेकिन मुझे अहसास हो गया था कि शायद मेरे भाई को पता चल गया कि मैं उनकी बीवी नहीं बहन हूँ.

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अब तक उनका नशा उतर चुका था तो जैसे ही मेरे भाई ने मुझे जाना, वो मेरे ऊपर से उतर गए.

अब मेरे भाई रोने लगे.
मैंने अपने भाई को बहुत मुश्किल से चुप कराया और हम दोनों भाई बहन आपस में बात करने लगे.

मैंने अपने भाई से कहा- मुझे आपके साथ अच्छा लगा.
वो बोले- क्यों?

मैंने उन्हें अपनी दास्तान बताई कि मेरे पति के लंड में दम नहीं है कि वो मुझे मां बना सके. साथ ही आपका लंड बहुत मोटा है, जिससे मेरी सही से आज सुहागरात मनी है.
अब तक हम दोनों अपने सेक्स को समझ चुके थे कि ये जो भी अनजाने में हुआ है वो सही हुआ था.

भाई मेरी आंखों में देखने लगे, तो मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और उनके होंठ चूमने लगी.

मेरे भाई समझ गए कि बहन को भाई के लंड से चुदवा कर मजा आया है और कहीं न कहीं भाई को भी मेरी टाईट चूत पसंद आ गई थी.

हम दोनों फिर से लग गए और इस बार बिजली की रोशनी में चुदाई करने लगे.
इस बार मैं अपने भाई से चुदाई का मजा लेती हुई चुद रही थी और भाई भी मुझे मस्ती से चोद रहे थे.

काफी देर तक भैया ने मेरी चूत को पेला और फाड़ कर रख दी.
मेरे भाई ने मेरी चूत को अपने वीर्य से भरा दिया और बाद में मेरी चूत को कपड़े से साफ करके मुझे चुम्बन किया.

अब हम दोनों नंगे ही चिपक कर लेट गए.
अभी रात को 3 बजे थे.

मेरे भाई मेरा साथ छोड़ कर दूसरे कमरे में जाकर सो गए.

सुबह 5 बजे मैं बाथरूम में गई. मैंने बाथरूम में अच्छी से स्नान किया और अपने दैनिक काम काज में लग गई.

अब तक भाभी जी और मां पिता जी भी आ गए थे.
सुबह 8 बजे तक पूजा पाठ से फ्री होकर मैंने नाश्ता किया.

नौ बजे मेरे भाई सोकर उठे.
वे नहाये और खेत के काम से जाने लगे.

मैंने अपने भाई को रोका, उनसे मुझे ससुराल छोड़ आने को कहा.

ससुराल वापस जाने की बात पर मेरी भाभीजी और मेरी मां ने मुझसे बहुत कहा कि कुछ दिन और रुक जाओ.

लेकिन मैं नहीं मानी, मेरे दिमाग में पति के लंड से एक बार चुद कर अपने भाई के बीज को जायज ठहराना था.

मेरे भाई काम पर नहीं गए.
फिर 3 बजे शाम को मेरे भाई बाइक से मुझे ससुराल छोड़ने चल दिए.

रास्ते में मेरे भाई एक जगह रुक गए. वो एक मुसाफिर खाना था जो उस समय कोरोना के कारण खाली पड़ा था.

वहां मेरे भाई ने रुक कर मुझसे पूछा- तुम ससुराल क्यों जा रही हो?
मैंने कहा- भाई रात की चुदाई से मैं गर्भवती हो सकती हूँ, तो मुझे ससुराल जा कर आपके जीजा जी से चुद कर ये पक्का करना है कि मैं उनसे ही गर्भवती हुई हूँ.

मेरे भाई ने मेरा जवाब सुनकर मुझे गले लगा लिया.
फिर 5 मिनट तक हम दोनों गले लगे रहे.

मेरे भाई मुझसे बोले- रात को मुझे पहली बार में ही पता चल गया था कि तू मेरी बहन है लेकिन तुझे चोदने का मन कर रहा था इसलिए मैं चुदाई में लगा रहा.
मैं अपने भाई का जवाब सुनकर हैरान हो गई.

फिर मैंने भाई से पूछा- आप मेरे साथ चुदाई करना क्यों चाहते थे?
तो वो मेरे गाल पर हाथ फेर कर बोले- तुम बहुत सेक्सी हो. मैं तुम्हें चोदने का मौका नहीं छोड़ना चाहता था.

मैंने भी हंस कर कहा- आप बड़े बहनचोद निकले.
भाई हंस पड़े और मुझसे बोले- एक बार फिर से झटपट चुदना चाहोगी?

मैंने अपने भाई को मना नहीं किया.
मैं उधर एक दीवार का सहारा लेकर घोड़ी बन गई.

भाई ने मेरी साड़ी पेटीकोट उठाकर मेरी चड्डी नीचे की और अपना लंड पीछे से मेरी चूत में पेल दिया.

धकापेल चुदाई होने लगी और कुछ मिनट बाद भाई ने अपना वीर्य अपनी बहन की प्यासी चूत में छोड़ दिया.

एक घंटा बाद हम दोनों मेरी ससुराल आ गए.
फिर दूसरे दिन सुबह मेरे भाई अपने घर चले गए.

अगली कहानी में मैं बताऊंगी कि मैं अपने पति से कैसे चुदी.
तब तक के लिए धन्यवाद.

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