बच्चा पैदा करने के लिए भाभी की चुदाई की

दोस्तो,
मैंने आपको कुछ दिन पहले एक हिंदी सेक्स स्टोरी भेजी थी
मस्त फ़ीगर वाली पड़ोसन भाभी की मस्त चुत चुदाई
आप सभी को मेरी कहानी बहुत पसंद आई क्योंकि मेरे पास आपको बहुत मेल भी आये मैं उसके लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद करता हूँ.

आज मैं आपको अपनी जिंदगी की दूसरी घटना बता रहा हूँ.

मेरे लंड का साइज़ काफी बड़ा है.
मेरी पिछली हिंदी सेक्स स्टोरी के बाद मुझे एक कॉल आया, वो 34 साल की रिया नाम की एक महिला का कॉल था. काफी हमारी बात हुई.

फिर उसने एक दिन बताया कि उनको कोई बच्चा नहीं है, काफी कोशिश की परंतु नहीं हो पाया।
मैंने कहा- मुझसे आप क्या चाहती हो?
तो उसने कहा- क्या आप मेरे साथ कोशिश कर सकते हो? क्या पता आपसे कुछ हो जाये!’
मैंने कहा- क्यों नहीं… परंतु कब और कहाँ… और कैसे होगा!

तो उन्होंने कहा- वो मैं हैंडल कर लूँगी… आपका जो भी होगा, मैं आपको दूंगी.
मैं उसका मतलब नहीं समझ पाया कि वो क्या कहना चाहती थी.

दो दिन बाद उसका कॉल आया, उसने मुझे दिल्ली बुलाया, उसने रेल टिकट भी सेंड की, मैंने उस टाइम उसे मना किया परंतु उसने काफी रिक्वेस्ट की- प्लीज, एक बार आ जाओ!
मैंने काफी सोचा, फिर काफी सोचने के बाद उसे हां कह दी.
उसने मुझे बताया कि उसने मेरे रुकने का इंतजाम किसी होटल में किया है.

मैं जाने के लिये तैयार हुआ और रेल पकड़ी.
अगले दिन मैं दिल्ली पहुंचा, वो मुझे कार लेकर लेने भी आई.

हम दोनों मिले, मैंने देखा कि वो काफी यंग लग रही थी और थोड़ी मोटी थी.
परंतु क्या फिगर था… 36″ के बूब्स, 36′ की उभरी हुई गांड!

मेरा लंड तो वहीं खड़ा होने को तैयार था परंतु पब्लिक में मैंने सब नार्मल रखा. हम कार में बैठने के बाद उसने मुझे बताया कि वो मुझे होटल छोड़ने आई है.
मैं कार में कुछ नहीं बोला, मैं उसकी फिगर को देखता रहा!
क्या बूब्स थे यार!

हमारे बीच रास्ते में नार्मल बात हुई, थोड़ी देर में हम होटल आ गए, उसने मुझे होटल में छोड़ा, बोली कि वो 2 बजे होटल आएगी और रात में भी मेरे साथ ही रहेगी क्योंकि उसके हस्बैंड किसी काम से दुबई जा रहे हैं.
मैं काफी उत्तेजित हो गया और खुश भी.. होऊँ भी क्यों नहीं!

मैंने उसे कहा- ऐसे ही जाओगी?
तो उसने कहा- अभी नहीं… कुछ इन्तजार करो!
परंतु मेरे कहने पर उसने मुझे प्यारी सी किस दी फिर मैं कार से उतर गया और रूम में चला गया.

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मैं रिफ्रेश हुआ और लंच बुक किया। लंच करने के बाद 2 बजे का वेट करने लगा.
इतने में मेरी बेल बजी, मैंने देखा कि यह तो रिया है, मैंने दरवाजा खोला, वो अंदर आ गई उसने मुझे लंच के लिए पूछा.
मैंने बता दिया कि मैंने लंच कर लिया है.

कुछ ही दर हम बातें करते रहे, रिया पिंक कलर का सूट पहन कर आई थी, क्या लग रही थी.
उसके बूब्स देखकर मेरे लंड खड़ा होने लगा. धीरे धीरे मैं उसके साथ रोमांटिक बातें करने लगा.
तब उसने मुझे बताया कि उसने काफी डॉक्टर को दिखाया और मेडिसिन भी ली परंतु कुछ नहीं हुआ.

मैं प्यार से उसे अपने पास पकड़ कर खींचने लगा, वो भी प्यार से मेरे पास आ गई. मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर लगा दिए और किस करने लगा.
मैंने उसे जोर से पकड़ रखा था कि वो चाहकर भी दूर न जो जाये! किस में मैं उसके दोनों लिप्स को काटने लगा.
वो काफी गर्म हो गई थी, वो गर्म सांसें लेने लगी. मैंने देखा कि वह गर्म हो गई है तो मैंने मौका देख कर अपने दोनों हाथ उसके बूब्स पर रख दिए.

बूब्स पर हाथ पड़ते ही वो चिंहुक उठी, मैं उसे जोर जोर से दबाने लेगा, वह कराह ऊठी ‘अहह अहह आईई…’
मैंने धीरे से उसका ऊपर का शर्ट खोल दिया, मैंने देखा कि वो वाइट ब्रा पहने हुये थी. मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा, वह सिसकारियाँ लेती रही.
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कुछ देर में मैंने उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया उसकी ब्रा को खोल दिया कर और झटका देकर उसको बेड पर पटक लिया।
मैं उसके बूब्स को जोर जोर से चूसने लगा और जोर जोर से दबाने लगा.
वो बोली- बसंत धीरे धीरे… बसंत अहह अहद दर्द हो रहा है… धीरे दबाओ प्लीज!

मैंने देरी न करते हुए उस का नाड़ा खोल दिया और उसकी पजामी को उतार फेंका मैंने देखा कि उसने काली पेंटी पहन रखी थी. मैंने पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर अपना मुंह लगा दिया। वो तड़प उठी- अहह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ऑफ बसंत अहह हहहह!

मैंने उसकी पेंटी उतार दी, मैंने देखा कि उसकी चूत काफी फूली हुई थी और उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था.
उसने कहा कि वो अभी साफ़ करके आई है.
मैंने अपने होंठ उसकी चूत पर लगा दिए और उसको चूसने लगा.

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वो तड़पने लगी, जोर जोर से चिल्लाने लगी- प्लीज बसंत, धीरे आईई मैं मर गई… हहहह धीरे! बसंत धीरे! अह्ह्ह्ह! हहह!
मैं उसकी चूत को चूसता रहा और उसके बूब्स को भी दबाता रहा.

थोड़ी दर में मैंने अपने कपड़े भी उतार दिये, मेरा लम्बा लंड देख कर उसकी आँखें फटी की फटी रह गई.
मैंने उसे लंड मुंह में लेने के लिए बोला, उसने मेरे लंड को मुंह में ले लिया. वो मेरे लंड को कुछ देर तक चूसती रही. मेरे मुंह से भी ‘हह अहह’ की आवाजें आने लगी.

फिर मैंने उसे अपने नीचे लेटाया और धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डाला. लंड काफी बड़ा होने के कारण पूरा चूत में जा नहीं रहा था.
मैंने धीरे धीरे कोशीश की और तीसरे झटके में लगभग पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया।
वो चिल्ला उठी- अहह मार दिया… आह यह हम्मः मैं मर गई इईईईई धीरे धीरे! रुको एक मिनट रुक जाओ… प्लीज एक मिनट!
मैं समझ गया कि लंड मोटा लम्बा होने के कारण प्रॉब्लम हुई हिया, मैं कुछ टाइम रुक गया, उसके बूब्स चूसने लगा.

थोड़ी देर बाद मैं धीरे धीरे अपनी गांड को हिलाने लगा और उसकी चूत चुदाई करने लगा। वो धीरे धीरे सिसकारियाँ भरने लगी- अहह उम्म्ह… अहह… हय… याह… धीरे! धीरे!
मैंने अपने झटके फ़ास्ट किये और जोर जोर से रिया को चोदने लगा, वो चिल्लाती रही परंतु मैंने एक न सुनी, अपने झटके चालू रखे.

कुछ मिनट तक रिया को चोदने के बाद मैं रिया की चूत में ही झड़ गया. रिया भी झड़ चुकी थी.
मैं उसके ऊपर ही गिर गया.
कब हमें नींद आ गई, हमें पता भी नहीं चला!

लगभग 5 बजे मैं उठा, रिया को भी उठाया, उसको लम्बी किस की.
रिया ने मुझे बताया- इतना लंबा टाइम मैं पहली बार चुदी हूँ और इतना जोरदार पहली बार झड़ी हूँ, वाकई बसंत क्या मजा दिया है तुमने मुझे आज!
मैंने कहा- अभी तो शुरुआत हिया, अभी पूरी रात बाकी है.

पूरी रात में रिया को मैंने कई बार चोदा और हर बार मैंने उसकी चूत में अपना पानी डाला.
वह मेरे पानी से प्रग्नेंट हो गई.

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