परिवार में बेनाम से मधुर रिश्ते- 5

बाप बेटी Xxx कहानी में पढ़ें कि अपने पापा के साथ सेक्स करने के लिए मैं जानबूझकर उनके सामने नंगी होने लगी थी. पर पापा अभी भी मुझे छूते हुए डरते थे.

हैलो साथियो, मैं कविता एक बार फिर से आपको अपने परिवार की कामवासना से रुबरू कराने हाजिर हूँ.
कहानी के पिछले भाग
माँ के कहने पर पापा को पटाया
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी मां की सलाह पर अपने पापा को गर्म करने लगी थी. उनके सामने नंगी नहाने लगी थी.

मेरे पापा भी मुझे अपनी आंखों से चोदने लगे थे.
वो इस बारे में न तो मुझसे कुछ कहते थे और न ही मेरी मां से.

अब आगे बाप बेटी Xxx कहानी:

जब मैं मां को ये सब बताया तो मां ने कहा- अब तो हम लोग को पता चल गया है कि बाप बेटी को चोदना चाहता है.
मैंने कहा- हां मां, वो मेरी चुत चूची को अपनी आंखों से चोदने लगे हैं. मैंने देखा है कि वो मुझे नंगी देखते समय अपना लंड भी सहलाते हैं.
मां बोली- बहुत बढ़िया … अब तुमको आगे शुरूआत करनी पड़ेगी. तुम्हारे पापा डर रहे हैं, उन्हें अपनी ओर खींच लो.

इस तरह से मैं कोशिश करने लगी और पापा के सामने नंगी होकर नहाने लगी.
पापा भी अब बिना हिचक के मुझे नंगी देखने लगे.

इस काम को एक महीना हो चुका था.

हम तीनों मां भाई और मैं रात को थ्रीसम चुदाई का मजा लेने लगे थे. मां और भाई शराब पीते और मुझे भी पिला देते. हम सब मस्ती से चुदाई का सुख लेने लगे थे.

इधर भाई मुझे कम चोदने लगा था, वो मां को ज़्यादा चोद रहा था.
इससे मुझे जलन होने लगी थी.

बाप का लंड मेरी चुत में घुसने से डर रहा था और मां ने मुझे अनिकेत भैया या विवेक से चुदने को मना किया हुआ था.

एक दिन मैंने दारू के नशे में टुन्न होकर मां से कहा- आपने तो भाई को अपना बना लिया है मगर मेरे लिए अपने लंड को नहीं सैट करवा रही हो.
मां बोली- मैंने तुमको मना नहीं किया है. तुम चाहो तो मेरे सामने अपने पापा के लंड से चुद लो. मुझे क्या आपत्ति है. तेरे बाप की गांड फट रही है, तो तू ही रंडी बन जा और अपने बाप का लंड पकड़ ले.

मेरा भाई शिवम हंसने लगा और वो मुझसे बोला- चल बहना, आज तेरी चुत की ओवरहालिंग कर देता हूँ.
उस दिन मेरे भाई ने मुझे हचक कर चोदा, तब जाकर मेरी चुत को ठंडक मिली.

मैं चुद कर शांत तो हो गई थी मगर मेरे कानों में मेरी मां की आवाज गूंज रही थी कि मुझे ही अपने बाप से चुदने के लिए रंडी बनना पड़ेगा.
इस बात से आज मैंने भी सोच लिया था कि आज मैं पापा को पटा कर ही दम लूंगी.

मैंने मां से कहा- ठीक है आज आप भाई के साथ खेत में जाओ और पापा को किसी तरह घर भेजो.
मां बोली- शिवम को कहीं भेज दो, इससे तू घर में अकेली हो जाएगी. मैं तुम्हारे पापा को भेज दूंगी.

हमारा प्लान बन गया.

भाई मार्केट चला गया.
मां पापा के खेत में चली गई.

कोई 30 मिनट बाद मैंने मां को कॉल किया.
मां दूर हट कर बात करने लगी और उसने पापा को खाने के लिए घर भेज दिया.

पापा के घर आने से पहले मां ने कॉल पर मुझे बता दिया कि तेरे पापा घर आ रहे हैं. जी ले अपनी जिन्दगी.
मैंने अन्दर से कुंडी भी नहीं लगायी और घर के आंग़न में कपड़े उतार कर नंगी नहाने लगी और पापा का इंतज़ार करने लगी.

पापा मेन दरवाजे से घर में आ गए.
वो पहले अपने रूम में गए, फ़िर कुछ देर बाद ही घर में पीछे बने आंग़न की ओर आए.

उन्होंने मुझे नंगी देखा और कुछ सोच कर उन्होंने वापस जाकर मेन दरवाजे की अन्दर से कुंडी लग़ा दी.
मैं जानबूझ कर अनजान थी कि घर में कोई आया है.

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मैं अपनी चूचियों में साबुन लगा रही थी, पैंटी के ऊपर से चुत की फांकों में उंगली घुसा रही थी.
पापा ये सब छुप कर देख रहे थे.

फ़िर मैं अपनी पैंटी निकाल कर चूत में साबुन लगाने लगी.
पापा छुप कर देखते रहे. मैं अपनी चूत में पानी डाल कर साफ़ करने लगी.

मैं चुदासी आवाजें निकालने लगी ताकि पापा गर्मा जाएं.
मगर वो संकोच कर रहे थे और बस मुझे देख रहे थे.

कुछ देर बाद मैं अपनी चुत में उंगली करते हुए बड़बड़ाने लगी- आह पापा … आप मुझे कितना सताते हो … मेरी चुत में अपना लंड क्यों नहीं पेल देते हो.

मगर ये सब सुनकर भी मेरे पापा आगे नहीं बढ़ रहे थे.
तो मैं समझ गई कि मुझे ही कुछ करना पड़ेगा, अपने बाप से चुदने के लिए मुझे अपना रंडीपना दिखाना ही पड़ेगा.

मैं अपने ऊपर पानी डाल कर साबुन साफ़ करने के बाद उठी और पापा के पास पहुंच गयी.
मैंने पापा को संभलने का मौक़ा ही नहीं दिया.
पापा स्तब्ध रह गए.

मैं नंगी थी और अपनी कमर पर हाथ रख कर बोली- कब से देख रहे हैं आप?
पापा कुछ नहीं बोल पाए.

इतने में मैंने पापा के हाथ को अपनी एक चूची पर रखते हुए कहा- एक महीने से आप मुझे चोदना चाहते हैं, शर्मा क्यों रहे हैं. आ जाओ पापा, मुझे चोद दो.
पापा मेरी चूची को अपने हाथों में भर कर दबाने लगे.

कुछ देर में मैंने उनको नंगा कर दिया और उनके लंड को अपने मुँह में डाल कर चूसने लगी.
कुछ पल बाद पापा ने मेरी चूत में अपना मुँह लगा दिया और मेरी चूत का पानी पीने लगे.

उनके चुत चूसने के अंदाज से ऐसा लग रहा था, पापा को इसी दिन का इंतज़ार था.
उन्हें मौक़ा मिला और बेटी की चूत का कचूमर निकाल दिया.

मैंने कहा- अब चाटना छोड़ दीजिए. मुझे चोद दीजिए.

पापा ने अपना लंड मेरी चुत में पेल दिया और सटासट चुदाई शुरू कर दी.
उस दिन पापा ने मुझे दो बार चोद दिया. उस दिन 53 साल के बाप ने अपनी बेटी को चोदने का मज़ा ले लिया था.

इस बाप बेटी Xxx खेल से मैं भी ख़ुश थी. दो महीने से भाई का लंड ले रही थी लेकिन भाई अब मुझे कम, मां को ज़्यादा चोद रहा था.

पापा बोले- तुम्हारी मां को पता नहीं चलना चाहिए. हम दोनों को जब मौक़ा मिलेगा, तब मज़ा ले लेंगे.

ये कह कर पापा ने मुझे दो हज़ार रुपए दिए कि नई ब्रा पैंटी ख़रीद लेना.
मैं बाजार से सेक्सी पैंटी ब्रा ले आयी.

मैंने मां को सारी बात बता दी.
मां बोली- अभी उनको पूरी तरह अपनी प्यार में फंसा. उसके बाद मैं काम आगे बढ़ाऊंगी.

मां अपने और भाई के बीच से मुझे अलग कर रही थी. मुझे पता हो गया था, मैं भी यही चाहती थी.

धीरे धीरे एक महीना बीत चुका था.
पापा मौक़ा पाते ही मेरी चूची दबा लेते और प्लान बना कर मैं पापा से अपनी चुत चुदवा लेती थी.

मां बताने लगी थी कि पापा उसको अब कम चोदते हैं. इधर भाई मुझे कम चोदने लगा था.

मां का गदराया बदन, मोटी विशालकाय चूची पीछे निकली हुई मोटी गांड, भाई को ही नहीं, पूरे गांव को दीवाना बना देता था.

मां इतनी बड़ी रंडी हो चुकी थी जैसे वो अपने बेटे की पत्नी हो.
अब वो मौक़ा खोज रही थी, जल्द ही उसे वो मौक़ा मिल भी गया.

पापा अक्सर खेत में या मार्केट होते, हम लोग घर में होते थे. मां भाई का लंड पकड़ लेती.
वो किचन में या रूम में मेरी चूचियां भी दबा देती थी.

अब मां ने हम चारों को एक होने का प्लान बनाया.

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मां बोली- मैं शिवम को लेकर तुम्हारे मामा के घर जाने का बहाना बनाऊंगी. तुम अपने पापा के साथ चुदाई करना. मैं पैसे भूल जाने का बहाना बना कर आ जाऊंगी. तुमको बस एक काम करना होगा. तुम मेरे मिसकॉल करने पर चुपके से दरवाजा खोल देना और तुम लोग बीच वाले कमरे में नंगे होकर सेक्स करना.

प्लान के अनुसार हम बाप बेटी चुदाई कर रहे थे.
मां ने घर से बाहर आने से पहले मिस कॉल कर दिया.

मैंने पापा से पेशाब करने का बहाना बना कर दरवाजा खोल दिया.
उसके बाद मैं पापा के पास आ गयी पापा और मैं पूरे नंगे थे.
पापा मेरी चूचियों को चूस रहे थे.

मां और भाई अन्दर आ गए और भाई अन्दर से दरवाजा बंद कर दिया.
अन्दर आकर मां जैसे ही रूम में आयी, उसने मुझे और पापा को नंगा देख कर बनावटी ग़ुस्सा करना शुरू कर दिया.

मां बोली- आप ये क्या कर रहे हैं?
पापा को मां के आने का पता ही नहीं चला. वो अपनी बेटी की दुधारू चूची पीने में लगे थे.

पापा, मां को आया देख कर दंग रह गए.
वो अपने कपड़े पहनने लगे, मैं भी.

लेकिन उससे पहले भाई आ गया.
पापा का सर झुक गया था.

मां ने पापा को एक धक्का मारा और मुझसे भी बोली- शर्म नहीं आती, कब से चल रहा है ये!
मैं पापा के पास जाकर खड़ी हो गयी और बोली- पापा की कोई गलती नहीं है … इस सबमें मेरी गलती है.

मां मुझे मारने लगी.
पापा ने मां को रोक दिया.

इतने में मां बोली- ठीक है तुम दोनों करोगे, तो मैं भी करूंगी.
मां ने अपनी साड़ी निकाल कर फैंक दी और ब्रा पैंटी में आ गईं.

देखते ही देखते मां ने मेरे भाई के भी कपड़े निकाल दिए.
भाई का लंड पहले से खड़ा था.
मां ने भाई के लंड को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.

पापा कुछ नहीं बोल रहे थे.

कुछ ही पलों बाद भाई ने पापा के सामने ही मां की चूत में अपना लंड डाल दिया.

पापा मुझे लेकर दूसरे कमरे में चले गए और उन्होंने भी मुझे जम कर चोदा.

पापा बोले- आज के बाद अब सब सही हो गया.
पापा को भी कोई फ़र्क़ भी पड़ा था. शायद वो भी इस तरह के सेक्स संबंध से खुश थे.

मैं पापा के पास सोने लगी और मां भाई के साथ चुत गांड चुदवाने लगी.

पापा बोले- अब मज़ा है.

सात दिन बीत गए थे.

पहले घर में जब पापा होते तो हम तीनों कुछ नहीं बोलते थे लेकिन आज मां और भाई पापा के रूम में आ गए.

रात के दस बजे थे. मैं और पापा नंगे चिपके थे.
मां को देख पापा कुछ नहीं बोले. मां भी अपने कपड़े उतार कर आयी थी. भाई भी नंगा था.

मां पापा के लंड को पकड़ कर बोली- सब मिल कर मजा करते हैं, जैसे सेक्स मूवी में चुदाई होती है.

भाई भी मां की चूचियों को दबाते दबाते हुए पापा से बोला- अब हम सब एक हैं.
पापा भी बोले- हां ये तो बहुत अच्छी बात हुई.

हम चारों आपस में एक दूसरे को चोदने लगे. मां भाई के साथ चुद रही थी. मैं पापा के साथ चुदने लगी थी.

पूरा परिवार चुदाई में लग गया. न जाने कितनी बार मैं पापा से प्रेगनेंट हुई और मां भाई से.

अब हम लोग समाज के सामने कुछ और थे और घर में कुछ और थे.

एक दिन मां ने पापा को सारी बात बता दी.
अब पापा और भाई मिल कर चोदने के नए नए तरीके खोजते हैं.

मैं और मां भी इस बात पर चर्चा करती हैं कि सेक्स को और मज़ेदार कैसे बनाया जाए.

दोस्तो, आपको मां बेटे और बाप बेटी Xxx कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मेल करें.
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