आंटी ने दिलाई मॉं की चूत

Aunty Ne Dilayi Maa Ki Chut हेलो दोस्तो, मेरा नाम रोहित है. मैं अपने मम्मी-डाडी का एक्लोत बेटा हूँ और हम अमृतसर मे रहते है. मैं बी.कॉम 1स्ट ईयर मे हूँ और खूब मज़े से अपनी ज़िंदगी काट रहा हूँ. मा की चुत

दोस्तो, हमारे घर पर एक शिल्पा नाम की लेडी आती-जाती रहती थी जो की मम्मी की बहोत अछी सहेली है और वो अक्सर दोपहर को ही पापा के ना होने पर आती थी. शिल्पा आंटी की उमर 36 साल है जो की मेरी मम्मी के बराबर है. शिल्पा आंटी के पति एक बहोत ही बड़े रिच बिज़्नेस मॅन है और अक्सर काम के सिलसिले मे बाहर ही रहते है.

शिल्पा आंटी अक्सर दोपहर मे 2 बजे करीब ही आती थी. एक दिन की बात है, हमारी रिश्तेदारी मे किसी नोन को जो की बहोत बीमार था उसे देखने गये हुए थे, वाहा मेरे जाने का भी मन था पर मेरे एग्ज़ॅम जो की पास ही थे उसकी वजह से घरवाले मुझे साथ नही ले गये. उन्होने मुझे घर पर ही स्टडी करने को कहा और जो की ठीक भी था क्योकि अगर मैं वाहा चला जाता तो मेरी स्टडी मे नुकसान होता. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मम्मी-डाडी के जाने के बाद उसी दिन शिल्पा आंटी करीब डेली की तरह 2 बजे घर पर आ गई. मैने दरवाजा खोला और उन्हे मम्मी- डाडी के यहा ना होने के बारे मे बताया क्योकि मैं उन्हे बाहर से ही बाहर ही भेजना चाहता था पर उन्होने मेरी बात सुनी और खुद दरवाजा पूरा खोलते हुए अंदर आकर सोफे पर बैठ गई.

अब आंटी अंदर आ ही गई थी तो मैने दरवाजा लॉक किया और उनके करीब आकर उनसे चाय-कॉफी के बारे मे पूछा तो उन्होने मना कर्दिया. शिल्पा आंटी की ना सुन कर मैं थोड़ा कन्फ्यूज़्ड हो गया क्योकि वो कभी भी खाने के मामले मे ना नही करती थी. मैं उनके पास मे ही आकर बैठ गया तो आंटी बोली ‘मैं तो तुम्हारे मम्मी-डाडी की आब्सेन्स मे तुम्हारा हाल-चाल पूछने आई हूँ’.

मैं उनकी ये बात सुनकर शॉक हो गया क्योकि मुझे कुछ समझ नही आ रहा था की मैं उनसे क्या बात करू. फिर शिल्पा आंटी खुद ही मुझसे मेरी स्टडी के बारे पूछने लग गई तो मैने भी उन्हे अपनी स्टडी के बारे बता दिया. फिर उन्होने मेरे फ्रेंड्स के बारे पूछा तो मैने उन्हे बिना किसी डर के सारी डीटेल बता दी.

शिल्पा आंटी – रोहित, क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?

मैं – नही आंटी, मैं इन सबमे कोई इंटेरेस्ट नही रखता हूँ.

शिल्पा आंटी- क्या तुमने कभी कामसुत्रा ग्रंथ पढ़ा है?

वो मुझसे बार-बार इस बारे मे पूछने लगी क्योकि मैने इसका पहले जवाब देना ठीक नही समझा पर बार-बार पूछने पर मैने भी बता दिया की मैने थोड़ा-थोड़ा ही पढ़ा है.

शिल्पा आंटी – रोहित जहा तक मुझे लगता है की तुम्हारी उमर के बच्चे पहले से ही सब जान चुके होते है. पर तुम टेन्षन मत लो, मैं तुम्हारे बारे मे किसी को भी नही बत्तौन्गि और यहा तक की तुम्हारी मम्मी को भी नही बताउन्गि.

मैं – आंटी मैने इसके बारे मे मम्मी की अलमारी के लॉकर मे पड़ी बुक को खोल कर पढ़ा है पर ये मैने पूरा नही पढ़ा है.

शिल्पा आंटी – बोहोत अछी बात है, पर तुम्हे इस ग्रंथ मे से सबसे अछा पार्ट कोनसा लगा है?

मैं – आंटी, मैने इसके एक पार्ट मे महारानी को अपने महाराजा के साथ सेक्स करके उनके बेटे के जनम के बारे मे पढ़ा, जो की मुझे बहोत अछा लगा. पर आंटी मुझे एक बात समझ नही आती की सिर्फ़ पति-पत्नी के साथ सोने से न्यू बोर्न कैसे हो सकता है!!

शिल्पा आंटी- रोहित बेटा, तुम अभी इतना नही जानते.

मैं – आंटी तो बताओ मुझे, मेरे दिमाग़ मे ये सवाल काफ़ी समय से है.

शिल्पा आंटी- बेटा, सिर्फ़ पति- पत्नी के साथ सोने से ही नही कुछ होता हैं बल्कि साथ मे एक दूसरे से सेक्स करने से होता है.

अब आंटी ने मुझे अपने पास बैठने को कहा तो मैं उनके पास आकर बैठ गया और वो मेरे बालो मे अपनी उंगलिया सहलाने लग गई. उंगलिया सहलाते हुए वो मेरे और करीब आ गई और मुझे अपने सीने से लगा लिया और फॉर उनका दुपट्टा भी नीचे गिर गया, शायद उन्होने जान-बूज कर खुद गिराया था.

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शिल्पा आंटी ने काफ़ी लंबा ब्लाउस पहन रखा था जिसमे से उनके बूब्स काफ़ी बाहर की और दिख रहे थे जिसपर मेरी नज़र भी पड़ चुकी थी. जिसको देखकर मेरे शरीर मे कुछ खल-बलि ज़रूर मची पर मैने कुछ नही बताया.

अब आंटी ने मेरे हाथ को अपने बूब्स की बीच की दरार मे डाल दिया और कहा – रोहित, इसको महसूस करो और तुम जान जाओगे की सुख क्या होता है.

मैं ये सब महसूस करते वक़्त शरमाने लग गया जिसको आंटी ने मेरी आँखो मे देख लिया था.

शिल्पा आंटी – रोहित, तुम शर्मा क्यो रहे हो, देखो तुम एक हटते-काटते इंसान हो और अपनी इस जवानी को क्या मुझे नही दिखाओगे?

अब आंटी ने मेरे जिस्म पर हाथ फेरते हुए काफ़ी तारीफ करी और मेरे मर्दाना शरीर पर तो जैसे वो फिदा ही हो गई और फिर मेरी जाँघो पर हाथ फेरने लग गई. ये सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था इसलिए मुझे कुछ अछा तो लग ही रहा था पर अजीब भी लग रहा था.

अब आंटी ने मेरे शरीर को नंगा देखने की फरमाइश की और खुद ही मेरी पैंट उतारकर मुझे निहारने लग गई. मैं शिल्पा आंटी के सामने अब अंडरवेर मे था और मेरा लंड भी उनकी ये सब बाते सुनकर पूरा खड़ा हो चुका था. आंटी ने मेरे खड़े लंड को अंडरवेर मे देखा तो वो बहोत खुश हो गई क्योकि शायद वो यही चाहती थी.

शिल्पा आंटी – लंड को ऐसे देख लगता है की तुम अब तैय्यार हो. अछा तुमने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स किया है?

मैं – नही.

शिल्पा आंटी- तो तुम्हारे पास आज ये सुनहेरा ऑफर है, और तुम डरना भी मत क्योकि ये बात हम दोनो तक ही रहेगी.

मैं उनकी बात सुनकर शर्मा गया पर कुछ सोचकर खुश भी हो गया की मुझे किसी औरत के जिस्म को चोदने का मौका मिलेगा.

अब शिल्पा आंटी मुझे मेरे मम्मी-डाडी के कमरे मे ले गई और वाहा पहोचते ही उन्होने अपना ब्लाउस और पेटिकोट उतार दिया. अब आंटी मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे थी और मैने अपनी ज़िंदगी मे किसी औरत को ऐसा आधा नंगा नही देखा था जिसकी वजह से मेरी आँखे उनके गोरे-चीतते बदन से हटने का नाम ही नही ले रही थी.

शिल्पा आंटी के गोल-गोल बूब्स, पतली-चिकनी कमर और उनकी हिप्प मे चिपकी फुददी को देख कर ऐसा लग रहा था की कोई स्वर्गालोक से अप्सरा आ गई हो. मेरे नंगी आँखे उनके नंगे जिस्म को निहार कर खाने को हो रही थी और आंटी भी मुझे ऐसे देख शरमाने लग गई.

शिल्पा आंटी ने अब मेरी कमीज़ को हाथो मे लेकर खोल दिया और फिर मेरे जिस्म पर हाथ फेरने लग गई. मुझे ये सब बहोत अछा लग रहा था और आंटी को मेरा जिस्म बहोत अछा लग रहा था.

शिल्पा आंटी – रोहित, अब तुम अपना हाथ मेरे बूब्स मे डालो.

ये मेरे लिए पहली बार था और ना ही मुझे ये सब पता था इसलिए मैने उन्हे मना कर्दिया तो उन्होने खुद मेरे हाथ को अपने बूब्स पर ले जाकर रख दिया जिसके लगते ही मेरे शरीर मे एक अलग सा करेंट महसूस हुआ और मेरे हाथो मे उनकी गर्मी के लगते ही मुझे ये अछा लगने लग गया और मैं धीरे-धीरे उनके बूब्स को दबाने लग गया जिससे उनके निप्पल भी खड़े हो गये.

शिल्पा आंटी- क्या तुम्हे ये सब करने मे मज़ा आ रहा है?

मैं – हाँ जी आंटी.

मेरी बात सुनते ही अब वो बेड पर आकर उल्टा लेट गई और मुझे अपनी ब्रा का हुक खोलने को कहा. मैने आँखे बंद करके उनकी हुक खोल दी और अब ब्रा को अलग करके उनके उपर ही बैठ गया. शिल्पा आंटी के बूब्स अब नीचे की और छिपे हुए थे और मैं उनकी पीठ पर बैठकर कंधे से ले कर कमर तक अपने हाथ से मालिश कर रहा था की तभी मैने धीरे से अपने हाथो को उनके बूब्स पर ले जा कर पकड़ लिया.

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मैं – क्या मैं इन्हे दबा सकता हूँ.

शिल्पा आंटी – हाँ हाँ, ये तुम्हारे ही है.

मैं उनकी ये बात सुनते ही उनके बूब्स को हाथो मे लेकर दबाना शुरू कर दिए और अब आंटी भी घूमकर पीठ के बल लेट गई और अब उनके गोरे-चित्ते बूब्स मेरी आँखो के सामने थे जिनपर मैं अपनी उंगलियो से छेड़ रहा था और दबा भी रहा था. मुझे ये सब करने मे बहोत अछा लग रहा था और साथ ही साथ अब मैने उनकी पैंटी को उतार कर उनकी चूत पर हाथ फेरना शुरू कर दिया था और साथ ही साथ खुद का अंडरवेर भी उतार दिया था.

शिल्पा आंटी मज़े मे लंबी लंबी सिसकारिया भर रही थी और जैसे ही मैने अपना लंड अंडरवेर से बाहर निकाला तो उन्होने उसे अपने हाथ मे लेकर मुझे अपने उपर ले लिया और मेरे लंड को मूह मे भर लिया.

अब आंटी ने मेरे लंड को मूह मे लेकर गालतक उतारना शुरू कर दिया और उपर नीचे करने लग गई जिसका मुझे काफ़ी अछा महसूस हुआ और फिर उन्होने मेरे लंड को मूह से निकाल कर अपने बूब्स के बीच मे रख लिया और उपर नीचे करने लग गई.

मैं – आंटी मेरा तो निकलने वाला है.

शिल्पा आंटी- रोहित अभी इतनी भी जल्दी क्या है, तुम्हे थोड़ा सबर रखना पड़ेगा क्योकि अगर तुम्हारा पहले निकल गया तो तुम लड़की को सॅटिस्फाइड नही कर सकते हो.

अब आंटी ने अपनी टाँगे चौड़ी कर मेरे लंड को चूत की एंटेरंसे पर रखने को कहा और फिर उन्होने कहा की ‘अपने लंड को धीरे से अंदर डाल दो और फिर उसे थोड़ा रोककर उपर नीचे करना शुरू करो’.

शिल्पा आंटी- देखो इसको ही चुदाई कहते है और लड़की इसी से ही सॅटिस्फाइड होती है और जब निकल जाता है तो लंड ढीला पड़ जाता था और फिर ढीले लंड से सिर्फ़ पेशाब ही किया जा सकता है और चूत की चुदाई के लिए लंड से काफ़ी देर तक चुदाई करी जा सकती है और काफ़ी देर चुदाई करने के बाद ही अपना लंड का पानी निकालना चाहिए.

आंटी ने मेरे लंड को अपनी चूत मे लिया और खुद उपर आकर लंड को अंदर लेने लग गई और मुझे भी इसका मज़ा आने लग गया तो मैने भी नीचे से अपना लंड उपर नीचे कर चूत को मारना शुरू कर दिया. मुझे उनकी चूत की गर्माहट का बहोत आछे से पता लग रहा था और करीब 10 मिनिट की चुदाई के बाद मेरे लंड और उनकी चूत ने इशारा कर दिया और हम दोनो का एक साथ ही निकल गया.

ये मेरे लिए पहला एक्सपीरियेन्स था जो की मुझे बहोत अछा लगा और मैं आंटी से ही लिपट कर लेटा रहा.

शिल्पा आंटी- फिर कैसा लगा सेक्स एक्सपीरियेन्स?

मैं – क्या बताउ आंटी, मैने तो जैसे जन्नत देख ली हो, इतना अछा लगा.

शिल्पा आंटी – क्या तुम दुबारा करना चाहते हो?

मैं – आंटी वो कैसे, मेरा लंड तो सो गया है.

शिल्पा आंटी – तुम चिंता मत करो, बस नहा कर आ जाओ.

मुझे अपना फीडबॅक देने के लिए कृपया कहानी को ‘लाइक’ ज़रूर करे, ताकि कहानियों का ये दौर देसीकाहानी पर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.

मैं उनकी बात सुनकर नहाने चला गया और फिर वाहा से नहा के आ कर आंटी ने मेरे लंड को मूह मे ले कर फिर से खड़ा कर दिया और फिर खुद बेड पर कुत्तिया की तरह बैठकर मुझे पीछे से कुत्ते की तरह चोदने को कहा.

मैने भी उनकी कमर को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से उनकी चूत फाड़ डाली और लगभग 20 मिनिट तक ऐसेही चोदता रहा और फिर अपना आख़िर मे जा कर पानी निकला.

मम्मी-पापा की आब्सेन्स मे मैने और आंटी ने पूरे दो दिन पता नही कोनसि कोनसि पोज़िशन मे सेक्स किया और खूब मज़ा लिया.

शिल्पा आंटी – क्या तुम अपनी मम्मी को चोदना चाहते हो?

मैं – क्या, आंटी आप ये क्या बकवास कर रहे हो?

टू बी कंटिन्यूड.. मा की चुत