गर्मी मे आंटी की चुदाई

aunty ki chudai kahani हाय फ्रेंड्स, माय नेम ईज़ राहुल, मैं प्रोडक्षन इंजिनियर, सातारा डिस्ट्रिक्ट इन महाराष्ट्रा सो एनी आंटी और गर्ल फ्रॉम माय स्टेट वॉंट टू सेक्स वित मी देन प्लीज़ कॉंटॅक्ट मी आई विल सॅटिस्फाइ यू एंड वित फुल प्राइवसी, लेट’स स्टार्ट द हिन्दी पॉर्न स्टोरीस सेक्स जोड़ी

ये स्टोरी एक रियल स्टोरी हैं, अभी 2 महीने पहले की हैं, हमारे अपार्टमेंट मे 1 आंटी (नेम प्रियंका) रहने आए 2 – 3 महीने हुए थे की आंटी और मेरे मॉम की फ्रेंडशिप बोहोत अछी हुई, एझ यू क्नोव अपार्टमेंट मे कोई भी आ जा सकता हैं इसीलिए और ज़्यादातर कोई पूछता भी नही, वो हमारे घर ज़्यादातर दिनभर रहती थी.

उसके हज़्बेंड दूसरे सिटी मे जॉब करते हैं इस लिए आंटी यहा पे उसके 1 बच्चे के साथ अकेली रहती थी, इस लिए उसे हर वक्त हमारी मदत लगती थी, उसकी मदत करने के लिए मॉम मुझे उसके पास भेजती थी.

उसका नाम प्रियंका है हाइट 5:5 देखने मे तो क्या बताउ सुपेरहोट वो कोई स्लिम दिखने वाली लड़की नही एक बोहोत ही ज़्यादा हॉट एंड सेक्सी दिखने वाली लड़की है उसके 34 के बूब्स, डॅम राउंड राउंड बट (आस) ओह माय गॉड!! क्या बताउ.

मुझे वो 1स्ट डे से अछी लगती थी, उसका फिगर 34 – 32 – 36 होगा एज 30 ईयर’स , उसको 1 बेटा था 10 साल का, गोरी गोरी बोहोत सेक्सी लगती थी, जब वो हमारे घर आती थी तब मैं उसे खूब घूरता था वो बोहोत फ्रेंड्ली हो गई थी.

1 बार उसके किचन मे लाफ्ट पर कुछ समान रखना था तो उसने मॉम से कह कर मुझे मदत के लिए बुलाया, समान बोहोत हेवी था तो हम 2 नं टेबल पे चड़े और हात उपर करते समय उसके बूब्स मेरे चेस्ट को टकराए और मेरा लॅंड उसकी चुत को टकरा के कॅप्स आया, आआअहह क्या मस्त फील था.

अब मुझे रहा नही जा रहा था, वो हर रोज किसी ना किसी कामसे मुझे बुलाती थी, मैं भी जाता और उसको मदत करते समय टच करता था, वो अब बोहोत फ्रेंड्ली हो गई थी मुझसे भी, एक बार मुझे मेरे जीएफ़ के बारे मे पूछा उसने मैं भी उसे बोला हैं 1.

आंटी – तो क्या घुमाने ले जाता हैं की नही?

मैं – हा लेजाता हू ना,

आंटी – तभी इतने बिज़ी रहते हो फोन पे,

मैं – हा तो क्या करू वो ज़्यादा मिलती नही हैं

आंटी – तो नोट आक्टन एट?

मैं – 1 – 2 बार सिर्फ़

आंटी . लगी,

मैं बोला आप का अछा हैं शादी हुई हैं जब मान मे आए मिलता होगा सब, हमे खूब मेहनत करनी पड़ती हैं.

वो उदास हो गई, मैं बोला क्या हुआ? वो बोली कुछ नही, मेरे ज़्यादा फोर्स करने पर उसने मुझे बताया उसके हज़्बेंड ज़्यादा उसके पास रहते नही, उनको ज़्यादा पैसो की पड़ी होती हैं और रोने लगी, मैने उसको समझाया और हग कर लिया, हग करते समय मेरा हात उसके बूब्स को लग रहे थे, तो मैं चान्स मार रहा था,
अब मेरे दिमाग़ मे हर टाइम प्लॅनिंग चलती थी, और मैं हर रोज उसको मदत लगे इसका इंतजार करता रहता था.

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समर का टाइम चालू होने की वजह से उसका बेटा टेरेस पे सोने के लिए ज़ोर करने लगा, लेकिन प्रिया आंटी अकेली होने की वजह जा नही पा रही थी, तब मेरी मॉम और मैं उनको लेकर टेरेस पर सोने चले गये.

सब सो गये लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी, मेरे दिमाग़ मे सिर्फ़ आंटी को चोदने का प्लॅन चल रहा था.मुझे ये पता था की आंटी का हज़्बेंड उसके पास कम रहता हैं तो वो प्यासी हैं.

रात को मुझसे रहा नही गया और मैं आंटी की साइड, मे जाके चुप चाप लेट गया, मेरा लंड पूरे जोश मे था, समर मे टेरेस पे ठंडी हवा चलती हैं तो मैं उसके चादर मे घुस गया, मेरा 7″ का लंड उसकी गॅंड को टच करने लगा, वववव क्या फील था, मेरा लंड उसकी गॅंड को लगने से मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था.

मैने मेरा 1 हात प्रिया आंटी की कमर पर रखा और मेरा लंड उसकी गॅंड मे थोड़ा और दबाया, मुझे और जोश आया और मैने उसका 1 बूब’स को हात लगाया वो थोडिसी हिली तो मैं घबराया क्यूकी मॉम साइड मे सो रही थी कुछ गड़बड़ हो गई तो मेरी तो वाट लगनी पक्की थी.

मैने सोने का नाटक किया लेकिन मेरा लंड अभी भी उसकी गॅंड को टच कर रहा था, उसको अछा लग रहा था इस लिए उसने भी सोने का नाटक किया और गॅंड मेरे लंड पर दबा दी, मेरा लंड उसकी गॅंड मे मैं अब दबाने लगा, वाआआवव उसकी 36 की गॅंड मे लंड घिसने मे जो मज़ा आरहा था वो क्या बताउ, तब तक 4 बज चुके थे तो मॉम उठके नीचे चली गई, अब मैं थोड़ा रिलॅक्स हो गया था.

मैने फिर मेरा हात उसके बूब’स पर रख दिया और इस बार बूब’स दबा दिया.

उसकी मूह से हल्की सिसकिया सुनाई दी, तो मुझे कन्फर्म हुआ की वो जाग गई हैं वो नाटक कर रही हैं, फिर मैने ज़ोर से बूब’स दबाया, अब उसके मूह से आआहह की आवाज़ आई, फिर क्या मैने उसकी सारी नीचे से उपर की और उसकी गॅंड को हात लगाया, वाव क्या मज़ा आरहा था, जो सपना देखा था वो पूरा हो रहा था, उसकी मस्त गॅंड पे मेरा लंड था, उसकी चुत को मैं मसल रहा था और इतने बड़े बड़े बूब’स को चाट रहा था
अब मैने उसकी निक्कर को निकाला, उसने पलटकर मुझे हग किया.

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मैं उसके बूब’स को मसलने लगा वो आआहह आआअहह आआहह आआहह करने लगी, फिर मैने उसे किस किया, वो बोहोत पॅशनेट किस कर रही थी, हम अपनी ज़ुबान को कर रहे थे , पूरा रस पी रहे थे, क्या मज़ा आरहा था.

फिर मैं उसके बूब्स को चाटते हुए उसकी चुततक गया, वा क्या चुत थी, मैने उसकी चुत को चाटने लगा, उसकी चुत को मैं मेरे मूह से चोदने लगा, वो सिसकिया भरने लगी, आआहह आहह ष्ह आअहह राहुल अहहाहा राहुल चाट आआहह खाजा मेरी चुत , बोहोत तड़पति हैं आहह आज तक मेरी चुत किसीने ऐसी चाटी नही हैं, और मेरा सिर उसकी चुत पर दबाने लगी और झड़ गई.

मैने अपना लंड उसके मूह मे लेने को कहा , पहले उसने मना किया लेकिन बाद मे उसने मेरा लंड मूह मे लिया और चूसने लगी, आआहह क्या मस्त लग रहा था,
10 मिनट चूसनेके बाद मैंट उसकी चुत पे मेरा लंड रख दिया और ज़ोर का झटका मारा, 1स्ट टाइम वो फिसल गया.

बोहोत दिन से चुदाइ नही की थी प्रिया आंटी ने तो उसकी चुत टाइट थी, फिर 1 बार मैने शॉट लगाया और पूरा मेरा लंड अंदर गया, वो चिल्ला उठी, साइड मे उसका बेटा सो रहा था तो मैने उसका मूह दबाया और शॉट धीरे धीरे लगाने लगा.

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अब उसने अपने पैर उठाए और मैने भी स्पीड बढ़ाई, वो आआहह आआअहह सस्स्स्सह राहुल, आआहह चोद मुझे आआहह फाड़ दे मेरी चुत तेरे लंड से बोलने लगी, आआहह मेरी जान कहा था तेरा ये लॅंड अब तक, मैं अब रोज तुझे मेरी चुत मारने को दूँगी, आज से ये चुत तुम्हारी, तुम्हारा लॅंड खूब मज़ा दे रहा हैं, बोलने लगी, इस दौरान वो 2 बार झड़ चुकी थी, उस रात हमने 4 बार चुदाई की सुबह तक.

अब मैं हर रोज दिन 1 बार जाके उसकी चुदाई करता हू, दिन मे एसा टाइम होता हैं जब मेरे घर मे कोई नही या तो उसके घर कोई नही तो मैं जा के चुदाई करता हू, हम फ्लॅट के हर जगह जाके चुदाई करते हैं.

मेरी हिन्दी पॉर्न स्टोरीस सेक्स जोड़ी कैसी लगी ये ज़रूर कॉमेंट मे लिखिए और सातारा, पुणे या महाराष्ट्रा की कोई आंटी या गर्ल मुझसे चुदाइ करना चाहे तो मुझे कॉंटॅक्ट कर सकती हैं इस मैल आईडी पे, प्राइवसी रखी जाएगी, थॅंक्स.